पटना (PATNA): बिहार में राजस्व सेवाओं की रफ्तार बढ़ाने और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है. उन्होंने साफ कहा कि अब केवल फाइलें निपटाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर जिले, एडीएम, डीसीएलआर और अंचल अधिकारियों को राज्य की टॉप-10 रैंकिंग में जगह बनाने का लक्ष्य लेकर काम करना होगा. खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जाए.
राजस्व विभाग की जिलावार समीक्षा के सातवें दिन मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुजफ्फरपुर, बक्सर और बांका जिलों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने जिलों की रैंकिंग, लंबित मामलों की स्थिति और जनसेवा से जुड़े कार्यों का बारीकी से मूल्यांकन किया. समीक्षा के दौरान मंत्री ने मुजफ्फरपुर जिले के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई. उन्होंने बताया कि अप्रैल माह की रैंकिंग में जिला 13वें स्थान पर है, जबकि एडीएम की रैंक 17वीं रही. जिले के 16 अंचलों में केवल सात अंचल ही टॉप-100 में जगह बना सके हैं. मंत्री ने अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाकर जिले को शीर्ष श्रेणी में पहुंचाने का निर्देश दिया.
बक्सर जिले की समीक्षा में सामने आया कि जिला 15वें स्थान पर है. यहां छह अंचल टॉप-100 में शामिल हैं, जबकि पांच अंचलों की रैंकिंग काफी नीचे है. मंत्री ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलों के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में लागू करने का सुझाव दिया. वहीं बांका जिला राज्य में तीसरे स्थान पर होने के कारण सराहना का पात्र बना. हालांकि मंत्री ने कहा कि जिले के सभी अधिकारियों और अंचलों का प्रदर्शन समान रूप से बेहतर होना चाहिए. उन्होंने बांका प्रशासन को शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए और अधिक प्रयास करने का निर्देश दिया.
लंबित मामलों पर सख्त निर्देश
डॉ. जायसवाल ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोज जितने नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, उससे अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि तभी लंबित मामलों का बोझ कम होगा और जनता को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी.
खराब प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई
करीब तीन घंटे तक चली समीक्षा बैठक में म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, अभियान बसेरा-2, राजस्व महाअभियान, पब्लिक ग्रीवांस और आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई. विभागीय सचिव जय सिंह और सीमा त्रिपाठी ने भी अधिकारियों से सीधा संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली समीक्षा में भी यदि किसी अधिकारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि राजस्व व्यवस्था में सुधार केवल लक्ष्य तय करने से नहीं, बल्कि परिणाम देने से होगा और अब पूरे विभाग की निगरानी मुख्यालय स्तर से प्रतिदिन की जा रही है.
