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Bihar

बेहद रोचक दौर में बिहार विधान परिषद का चुनाव,क्यों कहा जा रहा है कि रिजल्ट से निकलेगा नया राजनीतिक संकेत?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

टीएनपी डेस्क: बिहार विधान परिषद मतदान के दिन जैसे-जैसे करीब आते जा रहे हैं, बिहार का राजनीतिक तापमान चढ़ता जा रहा है .इस तापमान की तपिश झारखंड में भी महसूस की जा रही है. पहली बार विधान परिषद चुनाव को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज है. राजनीतिक पंडितों के अनुसार विधान परिषद चुनाव में जनसुराज के उतरने के बाद यह स्थिति पैदा हुई है. 

इसके अलावे जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार को लेकर बगावत का रास्ता अपना लिया है.उनको मनाने की कई कोशिशें की गई,लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए. वह नीरज कुमार को हराने के लिए कमर कसकर मैदान में उतर गए हैं. उनके खिलाफ ताबड़तोड़ चुनाव आचार संहिता के मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. उन्हें घेरने की कोशिश हो रही है, लेकिन वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

उनका कहना है कि जैसे विधानसभा के चुनाव में पार्टी ने उनके लिए कुछ नहीं किया और नीरज कुमार विरोध करते रहे, इसी प्रकार पार्टी को चाहिए कि विधान परिषद चुनाव में भी कोई हस्तक्षेप नहीं करें. यह बात तो लगभग साफ है कि एनडीए के लिए विधान परिषद की सीटें थोड़ी कठिन हो गई है. इस बीच    प्रशांत किशोर ने यह कहकर और हलचल बढ़ा दी है कि एनडीए की हालत ठीक नहीं है और जदयू और भाजपा एक तरह से अलग-अलग हो गए हैं. 

प्रशांत किशोर का कहना है कि एनडीए विधान परिषद चुनाव के लिए जीत के लिए संघर्ष कर रहा है. प्रशांत किशोर का दावा है कि एनडीए नेताओं की सभी सीटों पर जीत के दावे के बावजूद चुनाव में उनकी स्थिति ठीक नहीं है. दावा किया है कि नीतीश कुमार के हटने के बाद एनडीए की राजनीतिक जमीन खिसक गई है और इस चुनाव में यह साबित हो जाएगा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भाजपा के लिए चुनाव जीतना संभव नहीं है.

 उनका कहना है कि बिहार में अगले 4 साल तक एनडीए की सरकार रहेगी. तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता बने रहेंगे लेकिन यदि लोगों ने विधान परिषद चुनाव में सही तरीके से मतदान किया और भाजपा को हराने के लिए जन सुराज का साथ दिया तो मौजूदा व्यवस्था पर अंकुश लगाया जा सकता है.

 बता दें कि अनंत सिंह पर दो थानों में तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं. इसमें जनसुरा ज के प्रत्याशी डॉक्टर अनुज सिंह भी शामिल हैं. इस मुकदमे के बाद 23 अक्टूबर को 8 सीटों पर होने वाली विधान परिषद चुनाव को लेकर सर गर्मी और बढ़ गई है. रविवार को मोकामा के विधायक अनंत सिंह अपने समर्थित जन सुराज  के प्रत्याशी डॉक्टर अनुज कुमार के समर्थन में रोड शो किया था. इसके बाद आचार संहिता और कानून उल्लंघन के मामले में अनंत सिंह और डॉक्टर अनुज सिंह पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं. अनंत सिंह के खिलाफ बाढ़ थाना में दो और मोकामा थाना में एक मुकदमा दर्ज किए गए हैं.

 दूसरी ओर नीरज कुमार के पक्ष में नीतीश कुमार के पुत्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार सहित कई मंत्री और एनडीए के पदाधिकारी चुनाव मैदान में उतर गए हैं .अब देखना है कि निशांत कुमार के प्रयास से नीरज कुमार  विजई बनते हैं अथवा अनंत सिंह डॉक्टर अनुज कुमार को जीता लेते है.वैसे भी बिहार के बांकीपुर में उपचुनाव जीतने के बाद जनसुराज का मनोबल बढ़ा हुआ है और वह विधान परिषद चुनाव में पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ रही है. 

यह बात भी सच है कि बांकीपुर चुनाव हारने के बाद एनडीए कभी नहीं चाहेगा कि विधान परिषद चुनाव में भी उसे हार का सामना करना पड़े. इस वजह से मामला दिलचस्प हो गया है. प्रशांत किशोर को भी घेरने की तैयारी चल रही है. प्रशांत किशोर के निशाने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं. यह बात तो तय है कि विधान परिषद चुनाव का परिणाम निश्चित रूप से बिहार की राजनीति में नया संकेत देगा.