☰
Bihar

बिहार सरकार का बड़ा फैसला! अब ग्राम पंचायतें लगा सकेंगी टैक्स और शुल्क

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

पटना (BIHAR) : बिहार सरकार ने 15 जुलाई 2026 की कैबिनेट बैठक में बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के अंतर्गत बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी है. इस नियमावली के तहत ग्राम पंचायतों को विभिन्न कर, दर एवं शुल्क लगाने का अधिकार मिलेगा. आशंका है कि इसका सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण गरीबों, किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदारों और पारंपरिक कारीगरों पर पड़ेगा, जिनकी आय पहले से ही सीमित है.

रोजगार के अवसर भी हो सकते हैं प्रभावित 

ठेला, खोमचा, रिक्शा, टमटम, बैलगाड़ी चलाने वाले, बढ़ई, लोहार, कुम्हार, नाई, धोबी, मोची, दर्जी, सब्जी एवं फल विक्रेता, दूध और मछली बेचने वाले जैसे लाखों लोग दैनिक आय पर निर्भर हैं. यदि इन पर अतिरिक्त कर एवं शुल्क लगाए जाते हैं तो उनकी लागत बढ़ेगी और इसका असर पूरे ग्रामीण बाजार तथा उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. छोटे व्यापार कमजोर होंगे और रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो सकते हैं.

ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं से जुड़े भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतें पहले से सामने आती रही हैं. ऐसे में पंचायतों को व्यापक कराधान का अधिकार मिलने पर मनमानी और भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है. साथ ही यह भी चिंता है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर स्थानीय स्तर पर अनावश्यक दबाव बनाया जा सकता है.

आर्थिक रूप से सशक्त बनाना आवश्यक

पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है, लेकिन इसका समाधान ग्रामीण गरीबों पर अतिरिक्त करों का बोझ डालना नहीं होना चाहिए. राज्य सरकार को वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप पर्याप्त अनुदान, समय पर वित्तीय सहायता और विकास योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए. साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पंचायतों के कराधान अधिकारों का उपयोग पारदर्शी, न्यायसंगत और गरीब हितैषी तरीके से हो, ताकि ग्रामीण विकास के साथ सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित हो.

 

TagsBihar