पटना (PATNA) : बिहार सरकार की मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई दे रहा है. 70वीं बीपीएससी परीक्षा के अंतिम परिणाम में इस योजना का लाभ लेने वाले 101 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. इनमें 14 उम्मीदवार बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) और 12 उम्मीदवार बिहार पुलिस सेवा (BPS) में सफल हुए हैं. विभाग ने इसे अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सिविल सेवाओं में आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है.
लाभान्वित किया गया था
विभाग के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु इस योजना के तहत कुल 2164 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से अब तक 2095 योग्य अभ्यर्थियों को योजना के प्रावधानों के अनुरूप 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित कर लाभान्वित किया गया था.
महत्वपूर्ण सेवाएं आवंटित की गई
प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले 2095 लाभुकों में से कुल 386 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा (Mains) सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की. साक्षात्कार प्रक्रिया के पश्चात कुल 101 अभ्यर्थियों ने अंतिम मेधा सूची में अपना स्थान पक्का किया. इन 101 अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों में से 14 अभ्यर्थियों ने बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) और 12 अभ्यर्थियों ने बिहार पुलिस सेवा (BPS) में सफलता प्राप्त की है. शेष अन्य अभ्यर्थियों को राज्य की विभिन्न अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं आवंटित की गई हैं.
टॉप 100 में भी अपना दबदबा बनाया
योजना के लाभुकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए टॉप 100 में भी अपना दबदबा बनाया है. रैंक 11 - मो. इश्तियाक रहमान, रैंक 16 - रिया रानी शाह एवं रैंक 81 - सुदर्शन शर्मा का बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) एवं रैंक 68 - महिमा गुप्ता का बिहार पुलिस सेवा (BPS) में चयन हुआ है.
उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक कामना
विभाग इन सभी सफल अभ्यर्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक कामना करता है. यह अभूतपूर्व सफलता राज्य के अति पिछड़े वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवाओं में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक है.
