पटना (PATNA): बिहार में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी. सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विकास, स्वास्थ्य, भूमि सर्वेक्षण, सड़क और सिंचाई समेत अलग-अलग विभागों से जुड़े 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने जहां बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला किया, वहीं पटना में नेहरू पथ के चौड़ीकरण, बेगूसराय में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र और अरवल में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी.
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 5 साल के लिए बढ़ी
कैबिनेट ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक यानी अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है. इसके तहत विद्यार्थियों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता रहेगा.
पटना में नेहरू पथ का होगा चौड़ीकरण
राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए डाकबंगला चौराहा से रुकनपुरा तक नेहरू पथ यानी बेली रोड के चौड़ीकरण के लिए 39.80 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
बेगूसराय में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र
बेगूसराय के बरौनी अंचल के मल्हीपुर में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा. इसके लिए 700 एकड़ गैरमजरूआ खास भूमि उद्योग विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी मिली है. इससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.
अरवल में बनेगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अरवल जिले के करपी अंचल में 25 एकड़ भूमि पर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल बनाने का रास्ता साफ किया गया है. इसके लिए भूमि स्वास्थ्य विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी.
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त नियमावली 2012 में संशोधन करते हुए बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी है. नई व्यवस्था के तहत रैयती समेत विभिन्न श्रेणी की जमीनों का नया खतियान और भू-नक्शा तैयार किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्ती की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाना है. सर्वे के दौरान आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए पुराने प्रावधानों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे. भूमि सर्वे से जुड़े शब्दों की स्पष्ट परिभाषा तय करने का भी प्रावधान किया गया है.
स्वास्थ्य योजना में कैशलेस इलाज की सुविधा
बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत बिहार विधानमंडल के वर्तमान और पूर्व सदस्यों, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारियों और उनके आश्रितों को भर्ती होकर इलाज कराने की स्थिति में कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई है.
मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की भर्ती के नियम बदले
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा से संबंधित भर्ती, नियुक्ति एवं प्रोन्नति की द्वितीय संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी मिली है. इससे मेडिकल कॉलेजों की शिक्षण व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है.
छोटे अस्पतालों और जांच केंद्रों का होगा पंजीकरण
1 से 40 बेड वाले अस्पताल, क्लीनिक, डिस्पेंसरी और जांच केंद्रों के लिए बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान स्थापना एवं पंजीकरण विनियमावली 2026 को मंजूरी दी गई. इसके तहत राज्य और जिला स्तर पर पंजीकरण की व्यवस्था होगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी रहेगा.
पांच स्टेट हाईवे के लिए 3,744 करोड़ रुपये
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच स्टेट हाईवे परियोजनाओं के लिए 3,744 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.
सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी
पश्चिमी कोसी सिंचाई योजना के पुनर्स्थापना और आधुनिकीकरण के लिए 606 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है. इसके तहत करीब 36 किलोमीटर क्षेत्र में काम किया जाएगा. वहीं झंझारपुर शाखा नहर के पुनर्स्थापना और आधुनिकीकरण के लिए 218 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
पटना मेडिकल कॉलेज में बनेगी स्पाइन यूनिट
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वतंत्र स्पाइन सब-स्पेशलिटी यूनिट स्थापित की जाएगी. इसके लिए 39 नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है.
संग्रहालयों के लिए 40 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के संचालन एवं रखरखाव के लिए बिहार संग्रहालय समिति को गैर-वेतन मद में 40 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान दिया जाएगा.
बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम होगा भंग
कैबिनेट ने बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम लिमिटेड, पटना को विघटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. अब निगम को समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
बकरी पालकों के लिए बनेगा फेडरेशन
‘सात निश्चय-3’ के तहत बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई है. इसके लिए तीन वर्षों में 14.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे.
दो स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर होंगे राजकीय समारोह
कैबिनेट ने स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद रामफल मंडल और पंडित राजकुमार शुक्ल के सम्मान में हर साल राजकीय समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है. सीतामढ़ी में रामफल मंडल का शहादत दिवस 23 अगस्त को और पश्चिमी चंपारण में राजकुमार शुक्ल की जयंती 23 अगस्त को राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी.
पूर्णिया और गया में खुलेंगे आसरा गृह
दिव्यांगजन सशक्तिकरण के तहत पूर्णिया और गया में मानसिक रूप से अशक्त महिलाओं और पुरुषों के लिए 50-50 क्षमता वाले दो अतिरिक्त आसरा गृह संचालित किए जाएंगे. इसके लिए सालाना 1.43 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च की मंजूरी दी गई है.
बिहार में लागू होगी ई-कैबिनेट प्रणाली
सरकारी कामकाज को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार में ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. इसके लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 2.75 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि स्वीकृत की गई है.
निबंधन एवं परामर्श केंद्रों के रखरखाव के लिए 65 करोड़
राज्य में निबंधन एवं परामर्श केंद्रों के रखरखाव के लिए 65 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
कनीय सचिवालय सहायकों के पदों में आरक्षण
कैबिनेट ने कनीय सचिवालय सहायक के 25 प्रतिशत पद कार्यालय परिचारी के लिए आरक्षित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी है.
