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Bihar Family Politcs: क्या राबड़ी देवी की जगह बेटी रोहिणी आचार्य बनेगीं राजद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष? क्यों हो रही चर्चा 

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

पटना (PATNA): बिहार के मजबूत राजनीति घराने लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों में गंभीर मंथन चल रहा है. सबकी निगाह तेजश्वी यादव पर टिकी हुई है. पटना के राजनीतिक क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज है. लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य नाराज होकर मां के घर से चली गई थी, लेकिन फिर वापस आ गई हैं. चर्चा है कि पार्टी में बड़ी जिम्मेवारी मिल सकती है. चर्चा यह है कि राबड़ी देवी ने पार्टी में रोहिणी को नई जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखा है. अब इस पर तेजस्वी यादव की सहमति का इंतजार है. लालू प्रसाद के परिवार में सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है. रोहिणी आचार्य के मामा साधु यादव भी दावा कर चुके हैं कि वह छपरा से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी. पटना आने के बाद रोहिणी आचार्य ने अपने मामा साधु यादव से भी मुलाकात की थी.  

तेजस्वी यादव पर जाकर टिक गई है सबकी नजरें 
 
सूत्रों के अनुसार राबड़ी देवी ने खुद का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद छोड़कर अपनी जगह बेटी रोहिणी आचार्य को यह जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव परिवार के भीतर रखा है. इसको लेकर परिवार के लोगों में चर्चा भी हुई है. हालांकि तेजस्वी यादव इसे स्वीकार करेंगे या इस प्रस्ताव को अस्वीकार करेंगे, यह देखने वाली बात होगी. परिवार के सभी सदस्यों की नजर के तेजस्वी यादव पर टिकी हुई है. उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में रोहिणी आचार्य सारण सीट से राजद की उम्मीदवार थी. वह चुनाव हार गई थी. 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद वह सक्रिय राजनीति से भी दूर हो गई थी और सिंगापुर चली गई थी. विवाद की बात भी सामने आई थी, लेकिन फिर वह पटना लौट आई हैं.  

रोहिणी आचार्य के पक्ष में क्या दिया जा रहा तर्क?

कहा जा रहा है कि रोहिणी आचार्य के संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने से लालू प्रसाद यादव के पुराने समर्थकों को फिर से सक्रिय करने में मदद मिल सकती है. दूसरी ओर इस संभावित बदलाव को लोग अलग चश्मे से भी देख रहे हैं. यह अलग बात है कि रोहिणी आचार्य को अगर कोई जिम्मेवारी मिलती है, तो वह पुराने कार्यकर्ताओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य काफी सक्रिय रहती हैं. हर मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया आती है. यहाँ बता दें कि अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने के बाद रोहिणी की पहचान परिवार के प्रति समर्पण के साथ खुलकर सामने आया था. अब आगे क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी, क्योंकि लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पहले ही पार्टी और घर से निष्कासित कर दिया गया है. रोहिणी आचार्य भी विधानसभा चुनाव के बाद यह कह कर गई थी कि वह अब लौटकर पटना नहीं आएगी. राजनीति से भी किनारा कर लिया था, लेकिन फिर एक बार से सुगबुगाहट तेज हो गई है.