पटना (PATNA): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पश्चिम चंपारण और सारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बगहा, बैरिया के बथना, योगापट्टी के मच्छरगांवा और नौतन के शिवराजपुर, बनकटवा समेत आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया. इसके अलावा सारण के मकेर प्रखंड स्थित हैजलपुर पंचायत में टूटे तटबंध का भी हवाई सर्वे किया. बथना में बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सामुदायिक रसोई, चिकित्सा शिविर, पेयजल, शौचालय, पशु राहत शिविर और आवासन की व्यवस्थाएं देखीं. उन्होंने राहत शिविर में लोगों को खुद भोजन भी परोसा और बच्चों से बातचीत की.
इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की. अधिकारियों ने नदियों के जलस्तर, तटबंधों, प्रभावित आबादी और राहत कार्यों की जानकारी दी. बताया गया कि नेपाल की तराई से इस बार बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई है. मुख्यमंत्री ने नदियों और तटबंधों की लगातार निगरानी, पर्याप्त नावों की व्यवस्था तथा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती जारी रखने के निर्देश दिए. साथ ही जरूरत के अनुसार स्लुइस गेट खोलकर पानी की निकासी सुनिश्चित करने को कहा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक हरसंभव सहायता तत्काल पहुंचाई जाए. उन्होंने दशहरा से पहले चिन्हित बाढ़ प्रभावित परिवारों को 7 हजार रुपये प्रति परिवार की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. प्रभावित लोगों के घर लौटने तक जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई चलाने, सूखा राशन और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए. पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने को कहा गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और प्रभावित क्षेत्रों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
