टीएनपी डेस्क (TNP DESK): भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह को भाजपा में इनाम तो जरूर मिला, लेकिन यह इनाम उनके इच्छा के अनुसार नहीं है. यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि कोयलांचल में उनके समर्थक यह बात कह रहे हैं. भाजपा ने पवन सिंह को बिहार से एमएलसी का उम्मीदवार बनाया है. एनडीए चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. वैसे पवन सिंह ने सांसद बनने के कई प्रयास किये, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
आसनसोल लोकसभा सीट से लौटा दिया था टिकट
2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से भाजपा ने पवन सिंह को टिकट दिया था. लेकिन वह चुनाव नहीं लड़े और टिकट वापस कर दिया. उसके बाद उन्होंने बिहार के काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी पराजय का सामना करना पड़ा. कहा तो यही जाता है कि पवन सिंह की वजह से एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा चुनाव हार गए थे. उसे चुनाव में एनडीए को शाहाबाद से लेकर मगध तक नुकसान हुआ था. कुछ समय के बाद पवन सिंह फिर भाजपा में सक्रिय हुए और फिर उपेंद्र कुशवाहा से उनका सुलह-समझौता हुआ.
पवन सिंह के साथ के कई कलाकार सांसद हैं
फिर वह 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए का खूब प्रचार किया. दरअसल, पवन सिंह के साथ के भोजपुरी के कई कलाकार सांसद हैं. उन्हें भी सांसद बनने की इच्छा थी, लेकिन विवाद ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. आसनसोल में जब भाजपा ने टिकट दिया था तो उनके भोजपुरी गाने में कुछ बातों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़े तो डाइवोर्स का केस लड़ रही पत्नी ज्योति सिंह ने उनका पूरा साथ दिया था. फिर भी पवन सिंह चुनाव नहीं जीत सके. फिर विधानसभा चुनाव में ज्योति सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन वहां से भी वह चुनाव हार गई.
