पटना (PATNA): 20 जुलाई से बिहार विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है, जो 24 जुलाई तक चलेगा. यानी इस बार यह सत्र कुल 5 दिनों तक चलेगा.विधानसभा सचिवालय और राजनीतिक हलकों में इस सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई है.इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार होगा जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करेगी.ऐसे में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस और टकराव की संभावना जताई जा रही है.
मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की पूरी संभावना
इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है.क्योंकि विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेर सकता है.जिन मामलों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमला बोल सकता है, उनमें भरत तिवारी एनकाउंटर, टेंडर घोटाला, और लालू-राबड़ी परिवार से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल है.इसके अलावा राबड़ी देवी के आवास को खाली कराए जाने का मामला भी विपक्ष के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है. विपक्ष इन सभी मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगने और सदन में तीखी बहस करने की रणनीति बना रहा है.
इन मुद्दो पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष
यानि इस बार सरकार को भी कमर कसनी पड़ेगी, क्योंकि इस बार कई ऐसे मुद्दे हैं जो बिहार विधानसभा में सरकार को घेरने के लिए काफी है.इसमें सबसे अहम मुद्दा भरत तिवारी एनकाउंटर केस है. इसके साथ ही टेंडर घोटाला, लालू-राबड़ी सुरक्षा और राबड़ी आवास खाली करने का मुद्दा भी विपक्ष मजबूती के साथ उठा सकता है.इन मुद्दों पर सरकार से कई सवाल पूछे जाएंगे, जिनके जवाब के बिना विपक्ष शांत नहीं होगा. हालाँकि, सरकार की ओर से भी पूरी तैयारी की जा रही है.
