पटना (PATNA): बिहार से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में कानून-व्यवस्था से जुड़े संसाधनों के साथ स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई फैसले लिए गए. सरकार 30 वॉटर कैनन खरीदने पर करीब 26.40 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसके अलावा 86 नए वज्र वाहनों की खरीद के लिए लगभग 36.12 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. दोनों मदों को मिलाकर कुल 62.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
साथ ही हीमोफीलिया मरीजों के इलाज के लिए ‘मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना’ को भी मंजूरी दी गई है. मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत दवा Emicizumab की खरीद के लिए पहले वर्ष में 26.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई. वहीं, राज्य के कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर 2,714.25 करोड़ रुपये और 946 विद्युत उपकेंद्रों में योजना लागू करने के लिए ग्राम पंचायतों को 47.30 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला हुआ है. कुल 2,761.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.
बैठक में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय में 34-34 पदों के सृजन को मंजूरी मिली. मुंगेर के एनएच-333 के गंगटा जंगल क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 51.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए. इसके अलावा मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से दो लेन डाउन रैंप और परसा-संपतचक पथ पर दो लेन एट-ग्रेड सड़क निर्माण के लिए करीब 82.26 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. राज्य में हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026’ के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई.
