पटना (PATNA): राजधानी पटना में एमएलसी चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में विधान परिषद चुनाव को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद जदयू के अंदर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. अनंत सिंह पार्टी कार्यालय पहुंचे जहां उनकी जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के साथ बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत हुई. इस मुलाकात को उनके हालिया बयान से जोड़कर देखा जा रहा है.
नीरज कुमार के समर्थन से किया था इनकार
दरअसल, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है. इसे देखते हुए संभावित उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है. जदयू के एमएलसी और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार को एक बार फिर संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है.इसी बीच अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में नीरज कुमार को समर्थन देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि वह इस चुनाव में डॉ. अनुज का समर्थन करेंगे. पार्टी के विधायक की ओर से संभावित जदयू उम्मीदवार के खिलाफ इस तरह का बयान सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं.
डॉ. अनुज के बयान ने भी बढ़ाई चर्चा
अनंत सिंह से समर्थन मिलने की बात सामने आने के बाद डॉ. अनुज ने भी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने अनंत सिंह को ‘दादा’ बताते हुए उनके समर्थन पर भरोसा जताया. इसके बाद यह मुद्दा सिर्फ उम्मीदवारों की दावेदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जदयू की आंतरिक राजनीति से भी जोड़कर देखा जाने लगा. अनंत सिंह जदयू के पार्टी कार्यालय पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत हुई. माना जा रहा है कि इस दौरान एमएलसी चुनाव, नीरज कुमार की संभावित उम्मीदवारी और डॉ. अनुज को समर्थन देने वाले बयान पर चर्चा हुई.
मोकामा में अनंत सिंह के रुख पर नजर
मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में अनंत सिंह का राजनीतिक प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है. ऐसे में विधान परिषद चुनाव में उनका समर्थन किस उम्मीदवार के साथ रहता है, इस पर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजर बनी हुई है. अब प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद अनंत सिंह अपने पुराने रुख पर कायम रहते हैं या पार्टी के पक्ष में कोई नया फैसला लेते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा.
