Bihar

एक अधिकारी संभालेगा एक मॉडल स्कूल, बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की CM सम्राट चौधरी की नई पहल  

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

पटना (PATNA): बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके. इसी कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के बेहतर विकास के लिए अधिकारियों को कई जरूरी निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में चल रहे मॉडल स्कूलों सरस्वती विद्या निकेतन की पढ़ाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए. साथ ही, इन स्कूलों को उनकी अलग पहचान के साथ विकसित किया जाए.

पढ़ाई की व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता की नियमित जांच करने पर जोर

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल’ व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इससे अधिकारी सीधे स्कूलों से जुड़ेंगे और स्कूलों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सकेगा. मॉडल स्कूलों का अचानक निरीक्षण करने और स्कूल में होने वाली पढ़ाई व रोजाना के काम की रिपोर्ट मुख्यालय और जिला स्तर पर भेजने का भी निर्देश दिया गया.मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई की व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता की नियमित जांच करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसी स्कूल की गुणवत्ता सिर्फ अच्छी बिल्डिंग और सुविधाओं से तय नहीं होती. बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है.

हर तीन महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक कराने का निर्देश

उन्होंने हर तीन महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक कराने का निर्देश दिया. इससे बच्चों की पढ़ाई और उनकी जरूरतों को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बातचीत बनी रहेगी. साथ ही, मॉडल स्कूलों के पुराने विद्यार्थियों से भी संपर्क बढ़ाने को कहा गया है, ताकि उनके अनुभव और सफलता से वर्तमान विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिल सके.मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और जरूरी पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराई जाए. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने का समान अवसर मिलना चाहिए.

ई-लर्निंग और 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने का निर्देश

बैठक में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग और 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने का निर्देश भी दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को अच्छी पढ़ाई की सामग्री, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं मिल सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए. स्कूलों में संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए. अच्छी शिक्षा, बेहतर माहौल और आधुनिक तकनीक के सही इस्तेमाल से बिहार के विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है.

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