पटना (PATNA): बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से बुधवार, 23 सितंबर 2026 का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक शाम 4 बजे मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में प्रस्तावित है. बैठक से पहले सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की निगाहें संभावित फैसलों पर टिकी हैं.
हालांकि कैबिनेट किन प्रस्तावों को मंजूरी देगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि बैठक और उसके बाद सरकार की ओर से फैसलों की जानकारी जारी होने पर ही होगी.
सरकारी नौकरी और नई भर्ती पर नजर
कैबिनेट बैठक में रोजगार और सरकारी नियुक्तियों से संबंधित प्रस्ताव चर्चा में आने की संभावना है. विभिन्न विभागों में नए पदों के सृजन, खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तथा रोजगार से संबंधित अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर विचार हो सकता है. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पद सृजन या भर्ती संबंधी किसी प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर आगे नई नियुक्तियों का रास्ता खुल सकता है.
संविदा कर्मियों से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा में
राज्य के अलग-अलग विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों से संबंधित मामलों पर भी नजर रहेगी. उनकी सेवा से जुड़े प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष आते हैं या नहीं, यह बैठक के बाद स्पष्ट होगा. फिलहाल संभावित एजेंडे को लेकर अलग-अलग वर्गों में उत्सुकता बनी हुई है.
शिक्षकों और कर्मचारियों को DA पर फैसले का इंतजार
शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता यानी DA से जुड़ा मुद्दा भी चर्चा में है. DA से संबंधित कोई प्रस्ताव कैबिनेट के सामने आता है और उस पर क्या निर्णय लिया जाता है, इसकी आधिकारिक स्थिति बैठक समाप्त होने के बाद ही साफ होगी.
बैठक के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
रोजगार और कर्मचारियों से जुड़े विषयों के अलावा विकास योजनाओं तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी मंत्रिपरिषद विचार कर सकती है. बिहार सरकार के ई-डैशबोर्ड पर कैबिनेट निर्णयों के लिए अलग सेक्शन मौजूद है और पोर्टल 23 सितंबर 2026 को अपडेट दिखा रहा है. ऐसे में बैठक के बाद जारी आधिकारिक निर्णयों से ही पता चलेगा कि किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिली है.
