पटना (PATNA):नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन चल रहा है. दिल्ली में सीजेपी के उग्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया था.इसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए. वहीं, लाठीचार्ज में कई छात्रों को भी चोट लगी थी.वहीं, बिहार में दो दिन पहले हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज यानी 25 जुलाई को बिहार बंद बुलाया गया है। जिसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. संभावित बवाल को देखते हुए 26 जुलाई तक बिहार के सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है.
70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात
आपको बता दें कि छात्रों के प्रति हुए लाठीचार्ज के विरोध में यह बंद बुलाया गया है, जहां छात्रों के आंदोलन को राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वामदलों का भी समर्थन मिला है. वहीं, शनिवार की सुबह से ही बिहार के अलग-अलग जगहों पर इसका मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है.वहीं, प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है, ताकि कहीं भी कोई बवाल या उपद्रव न हो.छात्रों का आंदोलन उग्र न हो या बवाल न मचाए, इसे देखते हुए 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.वहीं, उनकी छुट्टियां भी रद्द कर दी गई है.
प्रशासन की ओर से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
प्रशासन की ओर से लगातार लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है. इसके साथ ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की गई है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटने में कोई परेशानी न हो. वहीं, पटना के नेहरू पथ, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, गांधी मैदान और अशोक राजपथ जैसे प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च भी कराया जा रहा है.प्रशासन की ओर से साफ तौर पर कहा गया है कि अगर कोई बंद के दौरान उपद्रव मचाने की कोशिश करता है या हंगामा करता है, तो उसको ज़रा भी बख्शा नहीं जाएगा, तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा.
