Bihar

पटना में दिखी लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर, तेजस्वी यादव और रविशंकर प्रसाद ने एक-दूसरे का किया अभिवादन

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
पटना में दिखी लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर, तेजस्वी यादव और रविशंकर प्रसाद ने एक-दूसरे का किया अभिवादन

पटना (PATNA) :  बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के बीच राजधानी पटना में लोकतंत्र की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली. पटना पुलिस लाइन के समीप चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता तथा पाटलिपुत्र सांसद रविशंकर प्रसाद आमने-सामने आ गए.

एक-दूसरे का सम्मान किया

राजनीतिक रूप से दोनों नेता अलग-अलग विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और चुनावी मैदान में एक-दूसरे के विरोधी माने जाते हैं. इसके बावजूद दोनों नेताओं ने लोकतांत्रिक मर्यादा और राजनीतिक शिष्टाचार का परिचय देते हुए एक-दूसरे का सम्मान किया. इस दौरान तेजस्वी यादव ने मुस्कुराते हुए एक हाथ से रविशंकर प्रसाद का प्रणाम कर अभिवादन किया. रविशंकर प्रसाद ने भी उसी आत्मीयता के साथ उनका अभिवादन स्वीकार किया.

आकर्षण का केंद्र बना यह दृश्य

यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया. चुनावी माहौल में जहां अक्सर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप सुर्खियों में रहते हैं, वहीं इस तरह का सौहार्दपूर्ण व्यवहार लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा को मजबूत करने वाला माना जा रहा है.

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और शिष्टाचार बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। यही परंपरा भारतीय लोकतंत्र को मजबूत और परिपक्व बनाती है.

सकारात्मक संदेश देने वाला पल

सोशल मीडिया पर भी इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं. कई लोगों ने इसे राजनीति में सकारात्मक संदेश देने वाला पल बताया. लोगों का कहना है कि चुनाव में दलों के बीच प्रतिस्पर्धा होना स्वाभाविक है, लेकिन आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन हर नेता की जिम्मेदारी है.

सकारात्मक राजनीति का संदेश

पटना में चुनाव प्रचार के दौरान सामने आया यह दृश्य एक बार फिर यह संदेश देता है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद लोकतांत्रिक मर्यादा, शालीनता और आपसी सम्मान हमेशा सर्वोपरि रहने चाहिए.ऐसे पल लोकतंत्र की खूबसूरती को और अधिक मजबूत बनाते हैं तथा समाज में सकारात्मक राजनीति का संदेश देते हैं.