पटना (PATNA): बिहार में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 98वीं बैठक 22 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने की. इसमें ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे. बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही तक राज्य की वित्तीय प्रगति, ऋण प्रवाह और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई. खास तौर पर वार्षिक साख योजना (ACP), प्राथमिक क्षेत्र को ऋण, कृषि, MSME और सरकार प्रायोजित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई.
बैठक में किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े ऋण पर विशेष जोर दिया गया. KCC फसल ऋण, डिजिटल KCC, कृषि अवसंरचना कोष, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए KCC ऋण की प्रगति का जायजा लिया गया. इसके अलावा PMEGP, PMFME, मुद्रा योजना, PM-स्वनिधि, PM विश्वकर्मा और PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वित्तपोषण की समीक्षा की गई. जीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के बैंक लिंकेज और व्यक्तिगत वित्तपोषण को भी बैठक में प्रमुखता दी गई. साथ ही बैंकों में NPA, नीलाम-पत्र वाद और SARFAESI से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे और रिकवरी की समस्याओं पर भी विचार हुआ.
वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए बिना बैंकिंग सुविधा वाले रेवेन्यू केंद्रों में नए बैंकिंग आउटलेट खोलने और महिला बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया. PoS मशीनों और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए डिजिटल भुगतान का विस्तार करने की बात कही गई. FLCs, CFLs और स्कूलों के माध्यम से डिजिटल वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, PMJDY के तहत दोबारा KYC, PMJJBY, PMSBY और अटल पेंशन योजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई. इसके साथ स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी, अनक्लेम्ड ऐसेट्स, कौशल विकास, व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन और प्राकृतिक आपदा के समय ऋण पुनर्गठन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई.
