पटना: दशहरा खत्म होने के बाद अब परदेशी बिहारी दिवाली और छठ पर्व के अवसर पर घर आने की तैयारी तो करने लगे हैं लेकिन उनकी तैयारी पर तब ब्रेक लग जाता है जब पता चलता है कि ट्रेनों में सीट नहीं है. हालांकि इस वर्ष भी रेलवे ने बड़ी तैयारी की है. दूसरे राज्यों से पर्व के अवसर पर बिहार आने के लिए बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जिससे दिवाली और महापर्व छठ के अवसर पर दूसरे राज्यों से बिहार आना और वापस पर काम पर जाना आसान हो जाएगा.
एक जानकारी के अनुसार रेलवे ने अब तक कुल 134 विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. इन ट्रेनों में 54 ट्रेनें दक्षिण बिहार के लोगों को दूसरे राज्य से घर ले कर आएगी जबकि 80 ट्रेन उत्तर बिहार के विभिन्न रेलवे स्टेशन तक. इतना ही नहीं अन्य रेलवे जोन भी महापर्व के अवसर पर 102 वैसी विशेष ट्रेन चलाएगी जो बिहार के विभिन्न स्टेशनों से हो कर गुजरेगी.
वैसे लोग जिन्होंने अब तक ट्रेन से बिहार आने के लिए सीट आरक्षित नहीं की और अब टिकट नहीं मिल रहा है के लिए यह विशेष ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं है. रेलवे ने कुल 236 (118 जोड़ी) विशेष ट्रेनों के माध्यम से बिहार के विभिन्न स्टेशनों को जोड़ने का निर्णय लिया है. इन ट्रेनों से परदेशी बिहारी आसानी से अपने घरों तक आ सकते हैं और पर्व समाप्ति के बाद वापस लौट भी सकते हैं. अकेले राजधानी पटना से 50 से अधिक शहरों को कनेक्टिविटी मिल रही है.
महापर्व छठ और दिवाली के अवसर पर बिहार आने वाले लोगों को उत्तर और दक्षिण बिहार के लिए विशेष ट्रेनें मिल जाएंगी जिसमें हावड़ा, दिल्ली, मुंबई, अमृतसर समेत अन्य शहरों से बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, जयनगर, सहरसा, कटिहार, झंझारपुर, बरौनी, सुपौल दरभंगा इत्यादि स्टेशन तक पहुँचना आसान होगा.