Bihar

नवादा: नशे की लत छुड़ाने क्लिनिक पहुंचा 18 साल का युवक, इलाज के दौरान हुई मौत

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
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नवादा (NAWADA): बिहार के नवादा जिले के हिसुआ इलाके में नशामुक्ति के लिए एक क्लिनिक में भर्ती कराए गए 18 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान प्रिंस कुमार के रूप में हुई है, जो दिनेश पांडेय का पुत्र बताया गया है. युवक की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. वहीं घटना के बाद क्लिनिक संचालक के मौके से फरार होने की बात कही जा रही है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

शराब की लत छुड़ाने के लिए कराया था भर्ती

परिजनों के मुताबिक, प्रिंस को शराब की लत से छुटकारा दिलाने के उद्देश्य से हिसुआ स्थित एक क्लिनिक में भर्ती कराया गया था. परिवार का दावा है कि उन्हें एक बिचौलिये के जरिए कथित डॉक्टर नौशाद आलम और उसके क्लिनिक के बारे में जानकारी मिली थी. इसके बाद युवक को इलाज के लिए वहां ले जाया गया. परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर उनसे कुल 50 हजार रुपये की मांग की गई थी. इसमें से 40 हजार रुपये पहले ही जमा करा दिए गए थे.

तीन दिनों से सांस लेने में परेशानी का आरोप

परिवार का कहना है कि भर्ती रहने के दौरान प्रिंस की तबीयत बिगड़ने लगी थी. आरोप है कि पिछले करीब तीन दिनों से उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी. परिजनों का दावा है कि उन्होंने युवक की स्थिति को लेकर क्लिनिक में मौजूद लोगों से चिंता जताई, लेकिन उन्हें हालत में सुधार होने का भरोसा दिया जाता रहा. परिवार के अनुसार, रात में प्रिंस की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद कथित तौर पर क्लिनिक में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने की बात कहते हुए उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया.

दूसरे अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित

परिजन आनन-फानन में प्रिंस को दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई.

क्लिनिक पहुंची पुलिस, मामले की जांच जारी

सूचना मिलने के बाद पुलिस संबंधित क्लिनिक पहुंची. परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद कथित डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गया. पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है.

फिलहाल युवक की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा. परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही और पैसे लेने संबंधी आरोपों की भी जांच की जा रही है. मामले में संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है.

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