नालंदा(NALANDA):नालंदा के जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. परिजनों ने ड्यूटी पर डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की और डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की. घटना से आक्रोशित डॉक्टरों ने रात करीब दो बजे के बाद इमरजेंसी और ओपीडी सेवा बंद कर दी.छोटी पहाड़ी मोहल्ले से एक परिवार रात करीब 12 बजे डिहाइड्रेशन से पीड़ित बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचा था. बच्चे को शिशु वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. इसी दौरान डॉक्टर एसएनसीयू में ड्यूटी के लिए चले गए. कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई.
आक्रोशित लोगों ने तोड़फोड़ के साथ कर्मियों से मारपीट की
इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया. आक्रोशित लोगों ने तोड़फोड़ के साथ कर्मियों से मारपीट की. इमरजेंसी में मरीजों का इलाज कर रहे डॉ. अमित कुमार के साथ भी मारपीट और गाली-गलौज का आरोप है. सूचना पर बिहार और लहेरी थाने की पुलिस पहुंची और स्थिति को शांत कराया.मारपीट के विरोध में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने इमरजेंसी व ओपीडी सेवा बंद कर दी.
11 बजे से सिर्फ इमरजेंसी सेवा शुरू कर दी गई
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ और डीएसपी पहुंचे और डॉक्टरों से बातचीत की, जिसके बाद 11 बजे से सिर्फ इमरजेंसी सेवा शुरू कर दी गई और ओपीडी सेवा अभी भी बंद है. जिससे मरीजों की परेशानी कम नहीं हुई है.अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि जनहित को देखते हुए इमरजेंसी सेवा को चालू कर दिया गया है.
वहीं, अस्पताल में हुए हंगामे और डॉक्टरों के साथ मारपीट के बाद स्वास्थ्यकर्मियों में भी नाराजगी है. डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है. इसी को देखते हुए डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में स्थायी पुलिस पिकेट बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना को रोका जा सके और डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बिना डर के मरीजों का इलाज कर सकें.
