नालंदा(NALANDA): आज के दौर में किसी से कुछ रुपये उधार लेना इतना महंगा पड़ सकता है कि उसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़े. सुनने में यह बात हैरान करने वाली है, लेकिन बिहार के नालंदा से ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां कथित तौर पर महज एक हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में एक ईंट-भट्ठा मजदूर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इतना ही नहीं, आरोप है कि हत्या के बाद शव पर नमक छिड़ककर उसे जमीन में दफना दिया गया. दरअसल, मामला नूरसराय थाना क्षेत्र के पपरनौसा गांव का है. मृतक की पहचान 46 वर्षीय सुरेंद्र मांझी के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि सुरेंद्र और उनकी पत्नी को पहले अगवा किया गया और फिर सुरेंद्र की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उनकी मौत हो गई.
मृतक की पत्नी नौलेजा देवी और दामाद अजय मांझी के मुताबिक करीब चार साल पहले मुकेश यादव को 60 हजार रुपये दिए गए थे. बाद में सुरेंद्र ने उत्तर प्रदेश में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अधिकांश रकम चुका दी थी, लेकिन करीब एक हजार रुपये को लेकर विवाद चल रहा था. परिजनों का आरोप है कि इसी बकाया रकम को लेकर घटना को अंजाम दिया गया. बताया गया कि नौलेजा देवी किसी तरह रात के अंधेरे में खेतों में छिपते हुए आरोपियों के चंगुल से निकल गईं और पुलिस को इसकी सूचना दी. शिकायत मिलने के बाद नूरसराय थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और मामले में मौली देवी नामक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की.
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर बताए गए स्थान पर पहुंचकर जमीन में दफन शव को बाहर निकलवाया गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेजा गया है. मृतक के तीन बच्चे बताए गए हैं, जिनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटे करीब 10 से 15 वर्ष के हैं. नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला पैसे के लेनदेन के विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. हिरासत में ली गई महिला से पूछताछ जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हत्या की वजह और घटना में किसकी क्या भूमिका थी, यह स्पष्ट हो सकेगा.
