नालंदा (NALANDA): जिले में आम लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और बीमारियों की समय रहते पहचान करने के उद्देश्य से बिहारशरीफ अस्पताल में ‘चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अभियान के शुभारंभ के मौके पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार, जिलाधिकारी उदिता सिंह, सिविल सर्जन और अस्पताल के उपाधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार और जिलाधिकारी उदिता सिंह ने स्वयं अपनी स्वास्थ्य जांच कराई. इसके माध्यम से लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया गया.
घर-घर जाकर की जाएगी लोगों की स्वास्थ्य जांच
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने ‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल बताया. उन्होंने कहा कि अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी लोगों के घर तक पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य जांच करेंगे. इसका उद्देश्य ऐसी बीमारियों या उनके शुरुआती लक्षणों की पहचान करना है, जिनका समय पर पता लगने से बेहतर तरीके से उपचार किया जा सकता है.उन्होंने बताया कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण मिलने पर उसे संबंधित बीमारी की जानकारी दी जाएगी. साथ ही बीमारी से बचाव, जरूरी सावधानियों और उपलब्ध उपचार के बारे में भी स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बताया जाएगा.
स्वस्थ लोगों को भी मिलेगी बचाव की जानकारी
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अभियान केवल बीमार व्यक्तियों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा. जांच में स्वस्थ पाए जाने वाले लोगों को भी भविष्य में बीमारियों से बचने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा.उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बीमारियों का पता शुरुआती चरण में लगाया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
आम लोगों को घर के पास मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
ग्रामीण विकास मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘चिकित्सा आपके द्वार’ जैसे अभियान से उन लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है, जिन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में परेशानी होती है. घर के नजदीक जांच की सुविधा मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी.
