मुजफ्फरपुर: बिहार में अपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए हरसंभव कोशिश लगातार जारी है. इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर में जिले के आलाधिकारियों ने भारी संख्या में पुलिस बल के साथ जेल में छापेमारी कर सघन तलाशी ली. डीएम गौरव कुमार और एसएसपी कांतेश कुमार के नेतृत्व में करीब 150 से अधिक पुलिस जवान करीब पौने चार बजे शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार पहुंचे और लगभग साढ़े छः बजे तक सघन तलाशी ली. बताया जा रहा है कि इस दौरान कैदी वार्ड से लेकर जेल के रसोई तक की तलाशी ली गई. हालांकि छापेमारी के दौरान कुछ भी प्रतिबंधित या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं की जा सकी.
बताया जा रहा है कि छापेमारी में डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, एएसपी, एसडीएम, डीसीएलआर और डीएसपी स्तर के आठ अधिकारी समेत करीब 36 सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे. अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल के जेल पहुंचने के बाद अफरातफरी का माहौल हो गया. छापेमारी में पहुंची टीम ने जेल के कैदी वार्ड, अस्पताल, रसोई समेत अन्य संवेदनशील स्थलों की गहनता से जांच की. करीब तीन घंटे तक चले सघन अभियान में कोई आपत्तिजनक या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं की गई.
कार्रवाई के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे. जेल अधीक्षक यूसुफ रिजवान ने मौके पर रहकर प्रशासनिक टीम को सहयोग दिया. छापेमारी का उद्देश्य जेल के भीतर किसी भी तरह की प्रतिबंधित सामग्री या संदिग्ध गतिविधि का पता लगाना था. सुबह 3:45 बजे शुरू हुआ तलाशी अभियान करीब 6:30 बजे तक चला. इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम ने पूरे अभियान में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी. मामले में अधिकारियों ने बताया कि जेल में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए समय-समय पर ऐसी जांच की जाती है. औचक छापेमारी के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती है कि जेल परिसर में सुरक्षा और अनुशासन से किसी तरह का समझौता न हो.