मुजफ्फरपुर (MUJAFFARPUR),बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में गुरुवार सुबह करीब 4 बजे भीषण आग लग गई.इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक मौतों की खबरें आईं, जबकि आधिकारिक तौर पर चार मौतों की पुष्टि हुई है.आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है.
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने तीन मौतों की पुष्टि की है.उन्होंने बताया कि मरीजों को धुएं के कारण दम घुटने से जान गंवानी पड़ी.आग मुख्य रूप से पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में लगी, जहां से 20 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया.अग्निशमन अधिकारी आरएन पांडे ने शुरुआती जानकारी में 4 मौतों का आंकड़ा बताया गया है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कई गंभीर मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है.
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आग लगने के बाद अस्पताल के अधिकांश कर्मचारी और स्टाफ मौके से भाग खड़े हुए और मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया.इससे मरीजों को समय पर मदद नहीं मिल सकी.आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया.
यह घटना दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के महज एक दिन बाद हुई है, जिसने पूरे देश में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.मुजफ्फरपुर प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.अस्पताल में आग सुरक्षा मानकों की अनुपालन, विद्युत व्यवस्था और स्टाफ की तैयारियों की जांच की जाएगी.
स्थानीय लोगों में आक्रोश है.परिजन अस्पताल के बाहर इंतजार कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं.बिहार सरकार ने मामले पर नजर रखी हुई है.आगे की जानकारी और मृतकों की पहचान के साथ ही घायलों की स्थिति का इंतजार है.
यह हादसा अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करता है.विशेषज्ञों का कहना है कि आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्डों में आग सुरक्षा उपकरण, नियमित मॉक ड्रिल और बैकअप सिस्टम अनिवार्य होने चाहिए.
