हाजीपुर (HAZIPUR): शराबबंदी वाले बिहार में शराब तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए नया तरीका अपनाया, लेकिन वैशाली उत्पाद विभाग की कार्रवाई में उनकी चाल नाकाम हो गई. हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के बेलकुंडा इलाके में उत्पाद विभाग की टीम ने एक संदिग्ध ट्रक का करीब पांच किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया. तलाशी के दौरान ट्रक से करीब 5160 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है.
कपड़ों की कतरन के बैग के नीचे छिपाई थी शराब
तस्करों ने शराब की खेप को छिपाने के लिए ट्रक में बड़ी संख्या में काले रंग के बैग रखे थे. इन बैगों में कपड़ों की कतरन भरी हुई थी. इनके नीचे शराब से भरे कार्टन छिपाकर रखे गए थे, ताकि बाहर से देखने पर ट्रक में सामान्य माल लदा हुआ दिखाई दे और जांच एजेंसियों को शक न हो. उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में विदेशी शराब की बड़ी खेप पहुंचने वाली है. सूचना के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू कर दी.
पुलिस को देखकर ड्राइवर ने बढ़ाई ट्रक की रफ्तार
बताया गया कि बेलकुंडा चौक के पास उत्पाद विभाग की टीम ने संदिग्ध ट्रक को रोकने की कोशिश की. पुलिस को देखते ही चालक ने ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी. इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने उसका पीछा शुरू किया. करीब पांच किलोमीटर तक पीछा करने के बाद जब पुलिस ट्रक के करीब पहुंची तो चालक और उसके साथ मौजूद संदिग्ध तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो गए. पुलिस ट्रक को जब्त कर थाने ले गई. जांच और गिनती के दौरान उसमें 500 से अधिक कार्टन शराब मिलने की बात सामने आई. कुल बरामद शराब की मात्रा करीब 5160 लीटर बताई गई है.
पंजाब में बिक्री के लिए थी शराब, पहुंची बिहार
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह के मुताबिक, उत्पाद विभाग को शराब की डिलीवरी से जुड़ी सूचना मिली थी. इसी आधार पर कार्रवाई की गई और करीब पांच किलोमीटर पीछा करने के बाद ट्रक को पकड़ा गया. चालक मौके से फरार होने में सफल रहा. बरामद शराब पर पंजाब में बिक्री से संबंधित विवरण होने की बात सामने आई है. प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप बिहार में कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं. तस्करी के पूरे नेटवर्क और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.
