Bihar

सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के सिंहेश्वर धाम में भगदड़, आधा दर्जन श्रद्धालु के साथ एक पुलिसकर्मी भी घायल

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

मधेपुरा(MADHEPURA):सावन की अंतिम सोमवारी के मौके पर बिहार के प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम में सोमवार सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई. सुबह करीब 8 बजे के बाद मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस दौरान करीब आधा दर्जन श्रद्धालु  के साथ एक पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है. घायल होने की सूचना है.बताया जा रहा है कि सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर सिंहेश्वरनाथ मंदिर में मध्य रात्रि से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी. मंदिर का पट खुलते ही बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक और भगवान शिव के दर्शन के लिए कतार में लग गए. श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और कुछ देर बाद भीड़ को संभालना पुलिस प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों के लिए चुनौती बन गया. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था की थी और अधिकारियों की तैनाती भी की गई थी.

धक्का मुक्की की वजह से मच गई भगदड़

सुबह करीब 8 बजे के आसपास स्थिति अचानक बिगड़ गई. जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ने की होड़ में श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. भीड़ के दबाव के कारण बैरिकेडिंग भी टूट गई, जिसके बाद लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे. भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की. इस दौरान करीब आधा दर्जन श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है. घायलों को तत्काल स्थानीय मेडिकल कैंप और जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

अशोकधाम मंदिर में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे की याद ताजा

सिंहेश्वर धाम में हुए इस हादसे ने बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे की याद भी ताजा कर दी है. महज एक सप्ताह पहले, 17 अगस्त को सावन की तीसरी सोमवारी के दिन लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी. उस हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे. घटना के बाद बिहार में बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए थे.लखीसराय की घटना के बाद सिंहेश्वर धाम में अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती थी, क्योंकि यहां करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था. इसी को देखते हुए प्रशासन ने 23 अगस्त की रात से ही मंदिर परिसर में अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की थी. श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी को व्यवस्थित करने की व्यवस्था की गई थी. इसके बावजूद सोमवार सुबह अचानक बढ़ी भीड़ के दबाव में हालात बिगड़ गए.

फ़िलहाल सामान्य स्थिति है

फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और मंदिर में पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है. श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है कि वे धैर्य बनाए रखें, जल्दबाजी और धक्का-मुक्की न करें तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें. घटना को लेकर मधेपुरा के डीएम और एसपी की ओर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की भी बात कही गई है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हादसे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है.

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