कटिहार(KATIHAR): जिले में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति की जांच के दौरान गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है. शिक्षा विभाग की जुलाई महीने की उपस्थिति रिपोर्ट की समीक्षा में 21 ऐसे शिक्षकों की पहचान की गई, जिनकी हाजिरी उनके विद्यालय के बजाय दूसरे शहरों या राज्यों की लोकेशन से दर्ज होने की बात सामने आई है. विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों से जवाब मांगा है. उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि विद्यालय से दूर रहते हुए उन्होंने किस परिस्थिति में डिजिटल उपस्थिति दर्ज की.
'मार्क ऑन ड्यूटी'विकल्प के इस्तेमाल पर सवाल
जांच में ई-शिक्षाकोश पोर्टल के ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ विकल्प के इस्तेमाल की बात सामने आई है. यह सुविधा आम तौर पर अधिकृत सरकारी कार्य, प्रशिक्षण, चुनाव ड्यूटी या विभाग द्वारा स्वीकृत अन्य जिम्मेदारियों के दौरान इस्तेमाल की जाती है. आरोप है कि कुछ शिक्षकों ने विद्यालय में मौजूद नहीं रहने के बावजूद इस विकल्प के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. अब विभाग यह जांच रहा है कि इसका इस्तेमाल कितने दिनों तक किया गया और संबंधित अवधि में शिक्षकों की वास्तविक स्थिति क्या थी.
कोलकाता से धनबाद तक मिली लोकेशन
तकनीकी समीक्षा में कुछ शिक्षकों की डिजिटल लोकेशन कटिहार से काफी दूर पाई गई. अमदाबाद प्रखंड की शिक्षिका राजो कुमारी की उपस्थिति पश्चिम बंगाल के पूजापुर से दर्ज होने की बात सामने आई. बलरामपुर के शिक्षक कृष्ण कुमार मलिक की लोकेशन मालदा बताई गई. इसी तरह बारसोई के शिक्षक पिजूशकांत घोष की उपस्थिति कोलकाता और फलका के प्रधानाध्यापक राकेश रंजन कुमार की उपस्थिति धनबाद से दर्ज होने की जानकारी मिली. इसके अलावा पटना, नवादा, दरभंगा, औरंगाबाद, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, नवगछिया और गोरखपुर जैसी जगहों से भी उपस्थिति दर्ज होने के मामले जांच के दायरे में हैं.
21 शिक्षकों को देना होगा स्पष्टिकरण
जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार ने सभी 21 चिन्हित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग यह जानना चाहता है कि ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ सुविधा इस्तेमाल करने का आधार क्या था.यदि जांच में संबंधित शिक्षकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार वेतन कटौती, निलंबन या अन्य विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.
डीएम ने दिए कार्रवाई के संकेत
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया है. प्रशासन का कहना है कि जांच में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. विभाग अब डिजिटल रिकॉर्ड के साथ विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति का भी मिलान कर रहा है.
