Bihar

IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला टला, अब इस तारीख़ को होगी सुनवाई

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

TNP DESK : IRCTC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर अदालत का इंतजार कुछ और बढ़ गया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में आदेश फिलहाल टाल दिया है. अब अदालत 10 सितंबर को आरोप तय करने के सवाल पर अपना फैसला सुना सकती है.

किन लोगों के नाम हैं मामले में?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से इस मामले में लालू प्रसाद यादव के अलावा उनके परिवार के कई सदस्यों और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव सहित अन्य नाम शामिल हैं. एजेंसी की चार्जशीट अदालत के समक्ष दाखिल की जा चुकी है.अब कोर्ट को उपलब्ध दस्तावेजों, दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर यह निर्धारित करना है कि आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं.

रेलवे होटल टेंडर से जुड़ा है मामला

यह मामला उस समय के कथित लेन-देन और अनियमितताओं से जुड़ा बताया जाता है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे. जांच एजेंसी का आरोप है कि रेलवे के होटल टेंडर से संबंधित प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां हुईं और इससे लालू परिवार से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचा.ED इसी प्रकरण में कथित वित्तीय लेन-देन की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से कर रही है. हालांकि, एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है.

10 सितंबर की सुनवाई क्यों अहम?

यदि अदालत आरोप तय करने का आदेश देती है, तो मामला आगे ट्रायल की प्रक्रिया में प्रवेश कर सकता है. इसके बाद अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य अदालत के सामने पेश करने होंगे और बचाव पक्ष को उनका जवाब देने का अवसर मिलेगा. फिलहाल आदेश टलने से आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होने या नहीं होने का फैसला भी आगे बढ़ गया है. ऐसे में अब राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरिए से 10 सितंबर की तारीख महत्वपूर्ण हो गई है.

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ED की ओर से लगाए गए आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं. दोष सिद्ध होने तक आरोपियों को कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है.