मोतिहारी(MOTIHARI): बिहार के डीजीपी के निर्देशों के बावजूद आम लोगों पर पुलिसिया रौब और दुर्व्यवहार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र से खाकी वर्दी की दबंगई का एक मामला सामने आया है, जिसका CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वायरल वीडियो में एक वर्दीधारी दरोगा और कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों को दो व्यक्तियों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है. बताया जा रहा है कि सादे कपड़ों में मौजूद लोग भी पुलिसकर्मी हैं. पीड़ित पिता-पुत्र फल व्यवसायी हैं, जिनका आरोप है कि उन्होंने केवल खरीदे गए फलों के पैसे मांगने की गलती की थी.
घटना हरसिद्धि बाजार स्थित जय माता दी फ्रूट्स की बताई जा रही है. पीड़ित व्यवसायी चंद्रिका साह और उनके पुत्र रूपेश कुमार का आरोप है कि एक दरोगा ने मुफ्त में फल लेने की कोशिश की और पैसे मांगने पर उनके साथ मारपीट की.
चंद्रिका साह ने बताया कि वे पानापुर रंजिता पंचायत के मुंशी बाजार वार्ड संख्या-7 के निवासी हैं और पिछले 15 वर्षों से हरसिद्धि बाजार में फल एवं जूस की दुकान चला रहे हैं.जब घटना हुई दुकान पर उनका 16 वर्षीय पुत्र रूपेश मौजूद था. उसी दौरान एसआई प्रीतम कुमार पहुंचे और डेढ़ किलो जर्दालू आम, एक किलो सेब और दो नारियल पानी खरीदे. कुल बिल 700 रुपये हुआ. पैसे मांगने पर एसआई नाराज हो गए और गाली-गलौज करते हुए बोले कि "पहचानते नहीं हो, शाम को बताते हैं.
व्यवसायी का आरोप है कि एसआई ने बाद में तीन बार में 90 रुपये, 160 रुपये और 40 रुपये, कुल 290 रुपये पेटीएम के माध्यम से भेजे और धमकी देते हुए चले गए.पीड़ित के अनुसार, अगले दिन मंगलवार रात करीब 8 बजे एसआई प्रीतम कुमार, अविनाश कुमार, अनिल कुमार समेत छह पुलिसकर्मी दुकान पर पहुंचे. इनमें प्रीतम कुमार वर्दी में थे, जबकि अन्य सादे कपड़ों में थे. आरोप है कि आते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा, तुम प्रशासन से उलझते हो, चलो थाने. ऐसा केस में फंसाएंगे कि बाप-बेटा जेल में सड़ जाओगे.
इसके बाद चंद्रिका साह और उनके पुत्र की लात-घूंसों से पिटाई की गई. दोनों के कपड़े फाड़ दिए गए. रूपेश के पैर में हाल ही में ऑपरेशन हुआ था, आरोप है कि उस स्थान पर भी चोट पहुंचाई गई.
पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिसकर्मी दोनों को जबरन थाने ले जाने की कोशिश कर रहे थे. विरोध करने पर मारपीट की गई. बीच-बचाव के लिए पहुंचे स्थानीय दुकानदारों को भी गाली देकर भगा दिया गया. वहीं, वीडियो बनाने का प्रयास करने वाले एक युवक और व्यवसायी का मोबाइल फोन भी छीन लेने का आरोप लगाया गया है.
घटना की पूरी वारदात आसपास की दुकानों में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसके वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. घटना के बाद से व्यवसायी का परिवार सदमे में है और किसी अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है.
उधर, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि मामले की जांच सदर एसडीपीओ से कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.