Bihar

पटना कोचिंग विवाद: परीक्षा की तैयारी कराने वाले "कोचिंग गुरु" खुद कैसे बड़ी परीक्षा के दौर से गुजर रहे, पढिए

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
पटना कोचिंग विवाद: परीक्षा की तैयारी कराने वाले "कोचिंग गुरु" खुद कैसे बड़ी परीक्षा के दौर से गुजर रहे, पढिए

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार की राजधानी पटना में परीक्षा की तैयारी कराने वाले "कोचिंग गुरु" खुद बड़ी परीक्षा के दौर से गुजर रहे है. दो कोचिंग संस्थाओं के बीच की लड़ाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या 5000 करोड़ की पटना की "कोचिंग इंडस्ट्री" डूब जाएगी या फिर खड़ी होगी. 4 जून 2026 को पटना के कोतवाली थाने में खान सर के खिलाफ हत्या और फायरिंग का मामला दर्ज हुआ है. पुलिस जांच चल रही है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है. यह मामला केवल कोचिंग टीचर के भविष्य का नहीं है, बल्कि पटना में खड़ी हुई करीब 5000 करोड रुपए की कोचिंग इंडस्ट्री का भी है. 

प्रतियोगिता बढ़ने से बढ़ गया है संकट
 
दरअसल, खान सर और ज्ञान बिंदु अकैडमी के निदेशक रोशन आनंद के बीच इस कदर प्रतियोगिता बढ़ी कि मामला मारपीट तक पहुंच गया. रोशन आनंद घटना के बाद ही गिरफ्तार कर लिया गए लेकिन खान सर की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इस बीच सूचना मिली है कि पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को दायर कर दी गई है. शनिवार को ही फैजल खान उर्फ खान सर के वकीलों ने कहा था कि जल्द कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की जाएगी. खान सर की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है. जाहिर है गिरफ्तारी से बचने के लिए खान सर ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. 

पटना देश के सबसे बड़े कोचिंग हब में से एक है
 
यहां बताना जरूरी है कि पटना देश के सबसे बड़े कोचिंग हब में से एक है. खासकर आईएएस, बीपीएससी, मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए लड़के यहां पहुंचते है. एक अनुमान के अनुसार पटना में लगभग हजारों छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान है, जहां हर साल करीब 2 लाख छात्र पढ़ाई करते है. इस उद्योग का सालाना कारोबार 5000 करोड रुपए से अधिक का बताया जाता है. इसमें 50,000 से अधिक लोग रोजगार भी पाते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से हॉस्टल, किताबों की दुकान और ट्रांसपोर्ट जैसे कारोबार भी चलते हैं. कहा जा रहा है कि पटना शहर की अर्थव्यवस्था भी बहुत हद तक इस पर निर्भर करती है. लोग बताते हैं कि खान सर की कोचिंग में लाखों छात्र अलग-अलग माध्यमों जैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन से जुड़े हुए हैं. एक बड़ा तबका ऑफलाइन कोचिंग करता है.  

क्या कहा है बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने

खान सर का यूट्यूब चैनल ऑनलाइन कोर्सेज और दूसरे राज्यों में उनके केंद्र की फ्रेंचाइजी भी चलती है. लेकिन जो हालात बने हैं, उससे ऐसा लगता है कि छात्रों का विश्वास टूट सकता है. बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि कोचिंग सेंटरों में बढ़ती गुंडागर्दी और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार जल्द ही एक नीति लेकर आएगी. इसमें सीसीटीवी, फायर सेफ्टी, फीस कंट्रोल और शिकायत निवारण जैसी शर्तें लगाई जा सकती हैं. पहले से चल रहे कोचिंग सेंटर अगर इन नियमों को पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें बंद किया जा सकता है. वैसे खान सर के कोचिंग सेंटर में फायर ऑडिट हुआ है और इसमें कमियां पाई गई है. सुधार का समय दिया गया है. सवाल उठता है कि कोचिंग संस्थानों की आपसी लड़ाई में क्या छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा या पूरी इंडस्ट्री  ही बैठ जाएगी.