tnp desk: बिहार में पढ़ा -लिखा और अनपढ़ मुख्यमंत्री को लेकर बयानबाजी तेज है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तेजश्वी यादव ने अंगूठा छाप मुख्यमंत्री कहा तो भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर तीखा वार कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए वह काला दिन था, जब मुख्यमंत्री के रूप में राबड़ी देवी ने शपथ ली थी. राबड़ी देवी को कुछ लिखने भी नहीं आता था, तब उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया था. राबड़ी देवी डेढ़ बित्ता में हस्ताक्षर करती थी.
तेजस्वी यादव सम्राट चौधरी पर हमलावर हैं तो हो रहा पलटवार
दरअसल, तेजस्वी यादव सम्राट चौधरी पर हमलावर हैं और पटवार के क्रम में यह सब बातें उठ रही हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि तेजस्वी यादव और उनके कुनबे को परिवार से आगे कुछ सोचा ही नहीं है. तेजस्वी यादव को यह याद रखना चाहिए कि जिस समय राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बनी, उस समय बिहार में कई पढ़े-लिखे नेता थे, लेकिन लालू प्रसाद यादव ने सबों को किनारे लगाकर राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया था. इससे पहले तेजस्वी यादव ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया था. कहा कि दिल्ली से जो आदेश होता है, वह अंगूठा छाप मुख्यमंत्री लागू करते है.
बिहर में टेंडर फिक्सिंग की खूब हो रही चर्चा
बिहार में पढ़ाई, दवाई, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री का कोई ध्यान नहीं है. छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन करोड़ों की जमीन बड़े लोगों को एक रुपए में दे दी जाती है. आपको बता दें कि रविवार को तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी सरकार और बीजेपी से रिशुश्री और टेंडर फिक्सिंग पर भी सवाल पूछे थे. कहा था कि रिशुश्री ने बड़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों को अनुचित लाभ पहुंचा कर सरकारी टेंडर में खेल किया। लेकिन कार्रवाई के नाम पर छोटे कर्मियों को फंसाया जा रहा है. असली गुनहगार को बचाने में सभी लगे हुए हैं. जिन्हें आरोप लगाकर निलंबित किया गया है, उनके नाम चार्जशीट में नहीं है. जिन विभागों के टेंडर में घोटाले हुए हैं, उनके मंत्री भी कुछ नहीं बोल रहे हैं. इन सब से तो यही लगता है कि सभी लोग इस खेल में शामिल हैं.
