Bihar

दरभंगा के चंचल नगर में संदिग्ध बम विस्फोट, दो मजदूर गंभीर रूप से घायल

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
दरभंगा के चंचल नगर में संदिग्ध बम विस्फोट, दो मजदूर गंभीर रूप से घायल

दरभंगा (BIHAR) : बिहार के दरभंगा जिले के पतोर थाना क्षेत्र के चंचल नगर में एक संदिग्ध बम विस्फोट से इलाके में भय का माहौल व्याप्त हो गया है. इस हादसे में बाउंड्री वॉल निर्माण का काम कर रहे दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर जांच शुरू कर दी.

निर्माणाधीन चारदीवारी पर काम कर रहे थे दोनों मजदूर

घायलों की पहचान चंचल नगर निवासी लक्ष्मी पासवान के 35 वर्षीय पुत्र रामबाबू पासवान और सियाकांत पासवान के 27 वर्षीय पुत्र कमलेश पासवान के रूप में हुई है. दोनों मजदूर निर्माणाधीन चारदीवारी पर काम कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान लोहे की रॉड में एक झोला लटका हुआ दिखाई दिया. जैसे ही मजदूरों ने झोले को उतारकर देखने की कोशिश की, उसमें जोरदार विस्फोट हो गया.

घायल की हालत अब भी चिंताजनक बताई जा रही है

विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) भेजा गया. डॉक्टरों के अनुसार, कमलेश पासवान का दाहिना हाथ कलाई से अलग हो गया है, जबकि रामबाबू पासवान की दाहिनी आंख और सिर के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं. एक घायल की हालत अब भी चिंताजनक बताई जा रही है.

प्रारंभिक जांच में घटना को जमीन विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जमीन पर चारदीवारी का निर्माण हो रहा था, उसे वर्ष 2005 में मोहम्मद शाहिद ने खरीदा था. आरोप है कि वर्ष 2025 में उसी जमीन की दोबारा रजिस्ट्री डॉ. रफीक के नाम कर दी गई, जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था. हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच में सहयोग की अपील

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि झोले में विस्फोटक किसने और कब रखा. बम निरोधक दस्ता और एफएसएल टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच में सहयोग करने की अपील की है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा.