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दरभंगा की बेटी भावना कंठ ने रचा इतिहास, FCL कोर्स पूरा करने वाली बनीं पहली महिला फाइटर पायलट

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
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दरभंगा ( DARBHANGA): बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड स्थित बाउर गांव की बेटी और भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट भावना कंठ ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भावना ने भारतीय वायुसेना का प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स पूरा किया है. इसके साथ ही वह यह प्रशिक्षण पूरा करने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं.  उनकी सफलता से दरभंगा समेत पूरे मिथिलांचल में खुशी और गर्व का माहौल है.

प्रसिद्ध ‘टॉप गन’ प्रशिक्षण से भी की जाती है तुलना

भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) में 20 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया. FCL कोर्स को भारतीय वायुसेना के कठिन एडवांस्ड कॉम्बैट प्रशिक्षणों में गिना जाता है. इसमें पायलटों को हवाई युद्ध की रणनीति, मिशन प्लानिंग, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और जटिल युद्ध अभियानों का नेतृत्व करने का प्रशिक्षण दिया जाता है. इसी कारण इसकी तुलना अमेरिका के प्रसिद्ध ‘टॉप गन’ प्रशिक्षण से भी की जाती है.

गांव के सरकारी विद्यालय में हुई थी शुरुआती पढ़ाई

भावना की शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी विद्यालय में हुई थी. उनके पिता वेद नारायण कंठ बेगूसराय में बिजली विभाग में कार्यरत थे, इसलिए आगे की पढ़ाई के लिए वह बेगूसराय चली गईं. इसके बाद उन्होंने पटना और दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त की. भावना वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना की शुरुआती महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुई थीं. वर्ष 2019 में उन्होंने लड़ाकू विमान से दिन के समय कॉम्बैट मिशन के लिए योग्यता हासिल कर इतिहास रचा था.

नई उपलब्धि से पैतृक गांव बाउर में भी खुशी की लहर

उनकी नई उपलब्धि से पैतृक गांव बाउर में भी खुशी है. गांव के नरेंद्र कुमार दास उर्फ बच्चन ने बताया कि भावना पायलट बनने के बाद भी गांव और परिवार से जुड़ी हुई हैं तथा पारिवारिक कार्यक्रमों में आती रहती हैं. उनकी चाची किरण देवी ने भी कहा कि भावना की सफलता पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व की बात है. दरभंगा के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना में इतिहास रचने वाली भावना कंठ की सफलता बिहार की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है.

 

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