बक्सर (BUXAR) : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी का अवैध कारोबार लगातार जारी है. तस्करों का संगठित नेटवर्क सरकार की शराबबंदी नीति को चुनौती देने में जुटा है. वहीं, बिहार के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम भी सीमा पर लगातार सख्त निगरानी रखते हुए तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है.
नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई
बक्सर जिले में उत्तर प्रदेश से लगी करीब 55 किलोमीटर लंबी सीमा शराब तस्करों के लिए लंबे समय से संवेदनशील मानी जाती है. गंगा नदी पर बने पांच पुलों के अलावा नावों के जरिए भी तस्करी की कोशिशें की जाती हैं. हालांकि, उत्पाद विभाग की सतर्कता के कारण पिछले 72 घंटों में तस्करों के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की गई है.
भारी मात्रा में शराब बरामद
उत्पाद विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर तीन बड़े ट्रांसपोर्ट कंटेनरों से भारी मात्रा में शराब बरामद की है। जांच के दौरान पता चला कि कंटेनरों के अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त तहखानों में शराब छिपाकर रखी गई थी, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके. प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ट्रांसपोर्ट कंपनियों की बिल्टी और दस्तावेजों में कंटेनरों में सीसा (लीड) और अन्य सामान लदा होने का उल्लेख किया गया था. लेकिन जब उत्पाद विभाग की टीम ने कंटेनरों की गहन जांच की, तो उनमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई. इससे साफ है कि फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर शराब की खेप बिहार पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी.
सघन जांच अभियान जारी
उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करों के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. ट्रांसपोर्ट कंपनियों, वाहन चालकों और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. विभाग का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी और सघन जांच अभियान जारी रहेगा.लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि शराब तस्करों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और बिहार में अवैध शराब की सप्लाई रोकने के लिए हर स्तर पर अभियान तेज कर दिया गया है.
