TNP DESK : नेपाल में लगातार हो रही तेज बारिश का असर बिहार की नदियों पर दिखाई देने लगा है. नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण गंडक और कोसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. स्थिति को देखते हुए बिहार के जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ तथा कटाव का खतरा बढ़ने की आशंका है.
गंडक बराज से बढ़ सकता है पानी का डिस्चार्ज
पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज पर शुक्रवार रात 10 बजे तक करीब 1.72 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया. आने वाले घंटों में इसमें बड़ी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है. विभागीय पूर्वानुमान के अनुसार, 27 सितंबर की रात 12 बजे तक गंडक बराज से डिस्चार्ज लगभग 3,81,638 क्यूसेक तक पहुंच सकता है. यदि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो नदी के आसपास बसे निचले क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है.
कोसी बराज पर भी बढ़ा दबाव
गंडक के साथ कोसी नदी में भी बड़ी मात्रा में पानी पहुंचने का अनुमान है. कोसी बराज पर 26 सितंबर की सुबह 6 बजे तक डिस्चार्ज करीब 3,53,407 क्यूसेक तक पहुंचने का पूर्वानुमान है. इसे इस साल के अब तक के सबसे अधिक डिस्चार्ज स्तरों में माना जा रहा है.
संवेदनशील तटबंधों पर नाइट पेट्रोलिंग
संभावित खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तटबंधों, स्लुइस गेट और बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने को कहा है. रात में नाइट पेट्रोलिंग के साथ पर्याप्त कर्मचारियों, रोशनी और संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों को तटबंधों में रिसाव, कटाव, दरार या पानी के ऊपर से गुजरने जैसी स्थिति पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है. फील्ड अधिकारियों को भी आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्रभावित स्थान पर पहुंचने के निर्देश हैं.
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह
नेपाल में बारिश जारी रहने के कारण अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. गंडक और कोसी के आसपास रहने वाले लोगों को स्थिति पर नजर रखने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. साथ ही लोगों से अफवाहों से बचने और घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की गई है.
