भोजपुर: एक तरफ बिहार की पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार कार्रवाई कर रही है तो दूसरी तरफ अपराधी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे. एक बड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है भोजपुर से जहां भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया गया है. भोजपुर के कोईलवर थाना की पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए अवैध तस्करी का खुलासा करते हुए 20 हजार से अधिक कारतूस के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से पुलिस ने एक लोडेड पिस्टल भी बरामद किया है. गिरफ्तार तस्करों में एक सीवान का रहने वाला है जबकि दो मुजफ्फरपुर का. पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद सभी कारतूस 7.65 एमएम के हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि कारतूस पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाये जा रहे थे और इन्हें मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के विभिन्न इलाकों में खपाने की योजना थी.
गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ ने की कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार पहले ही सूचना मिली थी कि एक कार में कुछ तस्कर भारी मात्रा में अवैध कारतूस लेकर बिहार आने वाले हैं. सूचना के आधार पर पुलिस और एसटीएफ ने रविवार से घेराबंदी शुरू कर दी. सोमेसर की सुबह एसटीएफ को फिर सूचना मिली कि तस्कर बिहार की सीमा में आ गए हैं, जिसके बाद कईं जगहों पर घेराबंदी की गई. पुलिस जगह जगह तस्करों का इंतजार करती रही लेकिन सभी पुलिस को चकमा दे कर आगे बढ़ते रहे. इस बीच पुलिस और एसटीएफ ने कोईलवर के समीप उस कार को पकड़ लिया.
दो कार को मारी टक्कर, मोबाइल जीपीएस नहीं कर रहे थे उपयोग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जब एसटीएफ की टीम ने कार को घेरा तक तस्कर भागने की कोशिश करने लगे और इस दौरान उन्होंने दो कारों में टक्कर मार दी. हादसे में दोनों कार क्षतिग्रस्त हो गई. इसके बाद पुलिस ने सफारी कार सवार तीनों तस्करों को दबोच लिया. पुलिस के वरीय पदाधिकारी के अनुसार, तस्कर काफी सतर्कता बरत रहे थे. वे अपने साथ मोबाइल फोन, जीपीएस या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, ताकि उनकी लोकेशन और गतिविधियों का पता नहीं चल सके. तलाशी के दौरान एक आरोपित की कमर से लोडेड पिस्टल बरामद हुई. पूछताछ में तीनों ने इस धंधे में अपनी पेशेवर संलिप्तता भी स्वीकार की है.
एसटीएफ के वरीय अधिकारी भी पहुंचे
भारी मात्रा में कारतूस की बरामदगी के बाद सोमवार दोपहर एसटीएफ के वरीय पदाधिकारी अंजनी सिंह भी पटना से कोईलवर पहुंचे और गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की. पुलिस और एसटीएफ की टीम आरोपितों के आपराधिक इतिहास के साथ उनके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है. कारतूस के सप्लायर और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में भी पुलिस जुटी है.