भोजपुर (BHOJPUR): जिले के संदेश थाना परिसर स्थित बैरक में कल देर रात गोली लगने से होमगार्ड जवान मोनल राय की मौत हो गई. गोली उनके सीने के बाईं ओर लगी और शरीर के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचाते हुए दाएं कंधे से निकल गई. गोली चलने की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में मौजूद जवान मौके पर पहुंचे. खून से लथपथ मोनल को आनन-फानन में संदेश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आरा रेफर कर दिया.
हालांकि, आरा ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित, होमगार्ड कमांडेंट सुभाष सिंह, नगर थानाध्यक्ष देवराज राय समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और गोली चलने वाले हथियार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है. मृत जवान सहार थाना क्षेत्र के गुलजारपुर गांव के वार्ड संख्या-12 निवासी प्रेम शंकर राय का पुत्र था. जिसने वर्ष 2025 में होमगार्ड की नौकरी ज्वाइन की थी. उनकी पहली पोस्टिंग खवासपुर थाना में हुई थी. इसके बाद उन्होंने नारायणपुर थाना और आरा मंडल कारा में ड्यूटी की. करीब एक महीने पहले उनका तबादला संदेश थाना में हुआ था.
बताया जाता है कि मोनल राय कल देर रात ड्यूटी करने के बाद बैरक लौटे थे. खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गए थे. इसी दौरान कमरे में दो अन्य जवानों के पहुंचने के बाद अचानक राइफल से गोली चल गई. गोली की आवाज सुनकर बैरक में अफरा-तफरी मच गई. घटना के बाद साथी जवान उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे. हालांकि, गोली चलने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि संदेश थाना परिसर स्थित होमगार्ड बैरक में फायरिंग के दौरान जवान मोनल राय के सीने में गोली लगी थी. अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई. इधर घटनास्थल को सील कर दिया गया है और जिस हथियार से गोली चली, उसे जब्त कर लिया गया है. मौके पर एफएसएल की टीम को बुलाया गया है.
ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और विभागीय जांच के बाद ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा. एसपी ने बताया कि मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों से पूछताछ की जा रही है. शुरुआती जांच में किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया है. जिस जवान की राइफल से गोली चली, उसकी मृतक से दोस्ती थी. दोनों के बीच पहले से किसी विवाद की जानकारी भी नहीं मिली है. गश्ती दल के जवानों से भी पूछताछ की गई है. फिलहाल घटना के संबंध में कुछ भी निश्चित रूप से कहना मुश्किल है.
मोनल राय के बड़े भाई धीरज कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी दूसरे लोगों से मिली. कल देर रात्रि करीब आठ बजे उनकी फोन पर मोनल से बात हुई थी. उस समय मोनल ने बताया था कि शाम की ड्यूटी खत्म कर बैरक लौटे हैं और खाना खाने के बाद आराम करेंगे. धीरज ने बताया कि मोनल स्प्लेंडर बाइक खरीदने की योजना बना रहे थे, ताकि आने-जाने में परेशानी न हो. उन्होंने भाई को छुट्टी लेकर घर आने के लिए कहा था, जिससे दोनों मिलकर बाइक देख सकें. इस पर मोनल ने बताया था कि फिलहाल छुट्टी नहीं मिल रही है और मंगलवार को छुट्टी लेकर घर आएंगे. धीरज के अनुसार, मोनल का किसी से कोई विवाद नहीं था. साथी जवान उत्तम ने बताया कि एक कमरे में चार जवान रहते थे.
ऐसे में रविवार की शाम ड्यूटी के बाद सभी बैरक लौटे थे. खाना खाने और आराम करने के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने मिठाई खाई. इसके बाद वे रात्रि ड्यूटी के लिए निकल गए थे. गोली चलने की सूचना मिलने पर जब वे बैरक पहुंचे तो कमरे में मौजूद सचिन और रिशु रो रहे थे. उन्होंने बताया कि गोली लग गई है. इसके बाद सभी आनन-फानन में मोनल को अस्पताल लेकर पहुंचे. उत्तम ने कहा कि गोली कैसे चली, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. मोनल अपने भाई धीरज कुमार और बहन सोनी कुमारी से छोटे थे. उनकी मां अनीता देवी गृहिणी हैं, जबकि पिता किसान हैं. बड़े भाई धीरज कुमार बालू घाट पर काम करते हैं. जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
