भागलपुर (BHAGALPUR): बिहार में कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच बाढ़ और कटाव की आशंका गहराने लगी है. गंगा, कोसी, गंडक और सोन नदी में पानी बढ़ने से निचले और नदी किनारे बसे इलाकों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है. इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति को लेकर कहा है कि सरकार लगातार हालात की निगरानी कर रही है और कटाव रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
कटाव रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नदी किनारे जिन क्षेत्रों में कटाव की स्थिति बन रही है, वहां प्रशासन लगातार काम कर रहा है. संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.मुख्यमंत्री के मुताबिक सोन नदी में करीब 6 लाख क्यूसेक पानी आया है. बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण नदी के आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. इसके साथ ही कोसी, गंडक और गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है. कई नदियों में एक साथ पानी बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का जोखिम बढ़ सकता है.
गंगा-कोसी समेत प्रमुख नदियों पर नजर
बिहार में मानसून के दौरान नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और कटाव बड़ी चुनौती बन जाते हैं. मौजूदा स्थिति में प्रशासन प्रमुख नदियों के जलस्तर और संवेदनशील तटवर्ती क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है. खासकर उन स्थानों पर सतर्कता बढ़ाई जा रही है, जहां पानी बढ़ने के बाद आबादी या कृषि क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति को गंभीरता से ले रही है. प्रशासन को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं. राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी तैयार रखा जा रहा है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके.एक साथ कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है. आने वाले समय में नदियों के जलस्तर और कटाव की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी.
