Bihar

2 महीने की बेटी को डोली में बैठाकर दंडवत यात्रा पर निकले पिता, जानिए क्यों मांगी बाबा से ये मन्नत

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

भागलपुर (BHAGALPUR):सावन का महीना चल रहा है. ऐसे में देशभर से लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर भगवान शिव के विभिन्न मंदिरों में जलाभिषेक के लिए निकल रहे हैं. बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर देश के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं. इन श्रद्धालुओं के बीच कुछ ऐसे भक्त भी होते हैं, जो अपनी अनोखी आस्था से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं. ऐसा ही एक भावुक कर देने वाला नजारा बिहार के भागलपुर में देखने को मिला, जहां एक पिता अपनी महज दो माह की बेटी को डोली में बैठाकर दंडवत यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए हैं. यह दृश्य इतना मनमोहक है कि जिसे देखकर हर किसी की आंखों को सुकून मिलता है.

दो महीने की बच्ची बनी आकर्षण का केंद्र

श्रावणी मेले में इस बार बच्ची कांवरिया पथ पर यह अनोखी यात्रा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. मुजफ्फरपुर निवासी मिथिलेश कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के दौरान उन्होंने भोलेनाथ से पुत्री रत्न की कामना की थी. उन्होंने संकल्प लिया था कि यदि उनके घर बेटी का जन्म होगा, तो वह अगली बार दंडवत यात्रा करते हुए अपनी बेटी को बाबा के दरबार लेकर जाएंगे.वर्ष 2026 में उनकी यह मनोकामना पूरी हुई और अब वह अपने संकल्प को निभा रहे हैं. मिथिलेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार में पहले से एक बेटा है, लेकिन बेटी के आने से परिवार पूरा हो गया.

डोली में हर सुविधा का इंतजाम

अपनी दो माह की बेटी की सुविधा के लिए उन्होंने डोली में पंखा, लाइट और सोलर ऊर्जा से चलने वाली विशेष व्यवस्था की है, ताकि यात्रा के दौरान बच्ची को किसी तरह की परेशानी न हो.कच्ची कांवरिया पथ से गुजरते समय श्रद्धालु इस अनोखी डोली को देखने के लिए रुक जाते हैं. लोग पिता की अटूट आस्था के साथ-साथ बेटी के प्रति उनके प्रेम और समर्पण की भी जमकर सराहना कर रहे हैं.मिथिलेश कुमार की यह यात्रा न सिर्फ उनकी श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज को बेटियों के सम्मान, उनके महत्व और 'बेटी है तो परिवार पूरा है' का सकारात्मक संदेश भी दे रही है.

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