भागलपुर(Bhagalpur): बिहार के भागलपुर कोतवाली थाना में तैनात महिला कॉन्स्टेबल आज कल काफी चर्चा में है. उनकी कार्य के प्रति ईमानदारी और सचि निष्ठा को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार भी काफी खुश दिखे.
आपको बात दें ये मामला कोतवाली थाना कि है जहाँ देर रात हुए एक नियमित थाना निरीक्षण के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन देखने को मिला. जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार जब कोतवाली थाना पहुंचे, तो मुख्य गेट पर तैनात महिला कांस्टेबल नेहा कुमारी ने उन्हें पहचान की पुष्टि होने तक रोक दिया. निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें सलामी देकर थाना परिसर में प्रवेश करने दिया गया.
रात करीब 10 बजे पहुंचे थे निरीक्षण पर
मिली जानकारी के अनुसार, एसएसपी प्रमोद कुमार रविवार रात जिले के विभिन्न थानों का औचक निरीक्षण कर रहे थे. इसी क्रम में रात करीब 10 बजे वह कोतवाली थाना पहुंचे. उस समय मुख्य गेट पर संतरी ड्यूटी की जिम्मेदारी महिला कांस्टेबल नेहा कुमारी निभा रही थीं.
जैसे ही एसएसपी गेट की ओर बढ़े, संतरी ने सतर्कता बरतते हुए उन्हें रुकने का संकेत दिया और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत हथियार तैयार स्थिति में रखते हुए पहचान बताने को कहा.
पहचान और कोड बताने के बाद मिला प्रवेश
अचानक हुई इस कार्रवाई के बावजूद एसएसपी ने पूरी शांति के साथ निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया. उन्होंने अपनी पहचान और निर्धारित कोड बताया, जिसके बाद संतरी ने पहचान की पुष्टि की, हथियार नीचे किया और उन्हें सलामी देकर अंदर जाने की अनुमति दी.
सुरक्षा नियमों के पालन की हो रही सराहना
घटना के बाद महिला कांस्टेबल नेहा कुमारी की काफी चर्चा हो रही है. पुलिस महकमे में इसे सुरक्षा नियमों के प्रति उनकी सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण माना जा रहा है. यह घटना बताती है कि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किसी भी व्यक्ति की पहचान से ऊपर रखा जाता है.