बेतिया(BETTIAH):भारत सरकार और बिहार सरकार दहेज प्रथा को रोकने के लिए कई तरह की योजनाएं चलती है ताकि बच्चियो को लोग बोझ ना समझे और उसको पढ़ा लिखा कर इस काबिल बना सकें कि जब उसकी शादी हो तो कोई दहेज की मांग ना कर पाये.सरकार द्वारा चलाया जा रहे योजनाओं का लाभ बेटियों को मिल रहा है. अब उनको बेहतर शिक्षा का मौका मिल रहा है बेटियां पढ़ लेकर काबिल भी बन रही है लेकिन आज भी समाज के कुछ छोटे सोच वाले लोग ऐसे है जो दहेज के बिना किसी के बेटी की डोली उठने नहीं देते.आज भले देश ने तरक्की कर ली लेकिन आज भी कई लोगों की सोच नहीं बदली है और वह दहेज प्रथा पर ही अटके हुए है.दरअसल बिहार के बेतिया जिले से एक बहुत ही शर्मनाक खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार किया है तो वही एक बेटी के सपने को भी तोड़ा है.
पढ़िये कहा का है मामला
दरसअल पूरा मामला बिहार के बेतिया जिले के योगापट्टी थाना क्षेत्र के मच्छरगांवा बाजार गांव का है.जहां दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर एक शादी समारोह मातम में बदल गया.बताया जा रहा है कि शादी की पूरी तैयारी कर चुके लड़की के परिजनों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब तय समय पर दूल्हे की बारात उनके दरवाजे तक नहीं पहुंची.
शबनम की शादी 15 जून को तय थी
परिजनों के अनुसार, शबनम की शादी 15 जून को तय थी.लड़की पक्ष का आरोप है कि विवाह से पूर्व तिलक समारोह में नकद राशि, बाइक और अन्य सामान दूल्हा पक्ष को दिया जा चुका था.इसके बावजूद शादी वाले दिन दूल्हे के पिता ने अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मांग रख दी.परिवार ने तत्काल इतनी राशि जुटाने में असमर्थता जताई, जिसके बाद बारात लेकर आने से इनकार कर दिया गया.बताया गया कि दूल्हा पक्ष ने करीब 200 बारातियों के आने की सूचना दी थी. उनके स्वागत के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की गई थी और बकरे का मांस भी तैयार कराया गया था. घर में रिश्तेदारों और मेहमानों की भीड़ लगी थी, लेकिन देर रात तक बारात नहीं पहुंची.इससे पूरे परिवार को सामाजिक और मानसिक आघात झेलना पड़ा.
मामले की जांच में जुटी है पुलिस
घटना की सूचना मिलने पर योगापट्टी थाना पुलिस मच्छरगांवा बाजार पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. पीड़ित परिवार ने दहेज मांगने और शादी तोड़ने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है. पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है. इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है, जहां लालच के आगे एक बेटी के सपने टूट गए.
