बेतिया (BIHAR) :बिहार के बेतिया में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित फर्जी भर्ती का मामला सामने आया है. नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर ट्रैकमैन की तरह काम करते मिले दो युवकों को रेल पुलिस ने पकड़ लिया. उनके पास से रेलवे के कथित पहचान पत्र, हथौड़ा, लाल-हरा झंडा और बांस की पट्टियां बरामद की गईं. एक अन्य युवक मौके से भागने में सफल रहा.
मुसहरवा हाल्ट के पास संदिगध गतिविधि
मामला मुसहरवा हाल्ट के आसपास का है. रेलवे कर्मियों को ट्रैक पर तीन युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. इसकी सूचना मिलने के बाद रेल सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस को देखते ही एक युवक वहां से निकल गया, जबकि दो को पकड़ लिया गया. पकड़े गए युवकों की पहचान महाराष्ट्र निवासी 21 वर्षीय कुणाल आनंद और 23 वर्षीय दिनेश बारकू धनगर के रूप में बताई गई है. फरार युवक की पहचान आदित्य महादु पाटील के रूप में हुई है.
जांच में रेलवे आईकार्ड निकले फर्जी
तलाशी के दौरान युवकों के पास रेलवे के नाम से जारी कथित आईकार्ड मिले. सत्यापन में ये पहचान पत्र फर्जी पाए गए. इसके बाद जांच अधिकारियों का शक और गहरा गया. पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि जिस ट्रैकमैन भर्ती के तहत युवकों के चयन का दावा किया गया था, वैसी कोई वास्तविक भर्ती नहीं हुई थी.
नौकरी के बदले 10-10 लाख देने का दावा
पूछताछ में दोनों युवकों ने पुलिस को बताया कि समस्तीपुर निवासी शैलेंद्र सिंह ने कथित तौर पर स्पोर्ट्स कोटा के जरिए रेलवे में ट्रैकमैन की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था. इसके एवज में उनसे 10-10 लाख रुपये लिए जाने का दावा किया गया. युवकों के मुताबिक, उन्हें नौकरी का भरोसा दिलाने के साथ प्रशिक्षण भी दिया गया था. इसके बाद उन्हें नरकटियागंज क्षेत्र में रेलवे ट्रैक का सर्वे करने के लिए भेजा गया. वे कथित रेलवे आईकार्ड और जरूरी उपकरण लेकर ट्रैक पर काम कर रहे थे, तभी पुलिस की कार्रवाई हुई.
फर्जी भर्ती नेटवर्क की जांच तेज
मामले में राजकीय रेल थाना नरकटियागंज में कांड संख्या 41/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित भर्ती नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने युवाओं से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए गए. फरार युवक की तलाश के साथ फर्जी आईकार्ड तैयार करने और युवकों को रेलवे ट्रैक पर भेजने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
