Bihar

औरंगाबाद में बड़ा हादसा : 15 फीट गहरी नहर में पलटी स्कूली वैन, 14 बच्चे घायल,तीन की हालत नाजुक

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
औरंगाबाद में बड़ा हादसा : 15 फीट गहरी नहर में पलटी स्कूली वैन, 14 बच्चे घायल,तीन की हालत नाजुक

औरंगाबाद (BIHAR) : बिहार के औरंगाबाद जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. कुटुंबा थाना क्षेत्र के तमसी मोड़ के पास स्कूली बच्चों से भरी एक मैजिक वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 15 फीट गहरी सूखी नहर में पलट गई. हादसे में 14 बच्चे घायल हो गए. इनमें तीन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे.

वैन नहर में जा गिरी

जानकारी के अनुसार, सेंट जेवियर स्कूल की यह वैन महुआधाम, मिर्जापुर, कुटुंबा और लखना सहित कई गांवों से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी. बसडीहा नहर के पास अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और वैन नहर में जा गिरी.

राहत और बचाव कार्य शुरू

हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया. स्थानीय लोगों ने ऑटो और अन्य वाहनों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत कुटुंबा रेफरल अस्पताल पहुंचाया. लोगों की तत्परता से बच्चों को समय पर इलाज मिल सका.

घायलों में आरवी प्रताप, मौली कुमारी और हर्ष कुमार की हालत गंभीर है. प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है. बाकी बच्चों का इलाज रेफरल अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है.

परिजनों में आक्रोश

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंचे. बच्चों की हालत देखकर परिजनों में आक्रोश फैल गया. उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन क्षमता से अधिक बच्चों को वैन में बैठाकर उनकी जान जोखिम में डाल रहा था. अभिभावकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

जांच के बाद ही असली वजह आएगी सामने

सूचना मिलने पर कुटुंबा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग और चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी.

इस हादसे ने एक बार फिर निजी स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और ओवरलोडिंग जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है. अब सवाल यह है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कब होगा और लापरवाही करने वालों पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होगी.