रांची (RANCHI) मां कालरात्रि का पूजा करने मात्र से ही सभी दुखों एवं पापों का नाश हो जाता है. मां कालरात्रि के ध्यान मात्र से ही मनुष्य को उत्तम पद की प्राप्ति होती है. साथ ही इनके भक्त सांसारिक मोह माया से मुक्त हो जाते हैं. मां दुर्गाजी की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है. नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के साथ में कालरात्रि की आराधना की जाती है. 2 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि है. मां कालरात्रि का वाहन तब यानी गधा है, जो सभी जीव जंतुओं में सबसे ज्यादा मेहनती माना जाता है. मां कालरात्रि अपने इस वाहन पर पृथ्वी लोक का विचरण करती है. कहा जाता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों को काल से बचाती हैं यानी मां के उपासक की अकाल मृत्यु नहीं होती है. मां कालरात्रि के पूजन से सही सभी कष्टों से भक्त मुक्त हो जाता है.पंडित अरूण मिश्रा के मुताबिक मां कालरात्रि की उपासना करने वाले भक्त शक्ति को प्रदान करते हैं. खास कर यह पूजा क्षत्रियों के लिए होती है. दुश्मनों से बचाव के लिए मां कालरात्रि की उपासना की जाती है. मां कालरात्रि को अपराजिता के पुष्प से पूजा करना चाहिए और मधु से स्नान कराने से मां बेहद प्रसन्न होती हैं.
नवरात्री में मां कालरात्री की अपराजिता के फूल से करें पूजा, होगी सभी मनोकामनाएं पूरी

Published at:01 Oct 2022 07:24 PM (IST)
Tags:News