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हर घर तिरंगा: झारखंड में महिलाएं बना रही हैं 10 लाख राष्ट्रीय ध्वज

हर घर तिरंगा: झारखंड में महिलाएं बना रही हैं 10 लाख राष्ट्रीय ध्वज

रांची (RANCHI): लाखों कुरबानियों के बाद देश को आजादी मिली. जिसकी 75 वीं वर्षगांठ अमृत उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. इस यादगार बनाने के लिए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तेहत हर घर में 13 से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाएंगे. राज्य सरकार ने सखी मण्डल की महिलाओं को 10 लाख तिरंगा बनाने का लक्ष्य दिया है. जिसके लिए राज्य के विभिन्न ज़िलों के TPC सेंटर (परिधान उत्पादन ट्रेनिंग-सह-प्रोडक्शन सेंटर) में समूह की महिलाएँ दिन रात जुटकर काम कर रहीं हैं.

महिलाओं को दी गई खास ट्रेनिंग

तिरंगा निर्माण बहुत ही सम्मान के साथ जिम्मेदारी का कार्य होता है. इसलिए तिरंगा निर्माण से जुड़ी लगभग 1,000 से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को ‘ध्वज कोड 2002’ के मानकों के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज निर्माण हेतु प्रशिक्षित किया गया है. रांची TPC में तिरंगा निर्माण से जुड़ी सविता देवी ने बताया कि , “ झंडा बनाने के पहले हमें ट्रेनिंग देकर बताया गया कि तिरंगा का अनुपात 3:2 रखना है. सिलाई के समय ध्यान रखना है कि अलग रंग के धागे एक दूसरे में न जुड़े आदि. सभी माहिलाएं इस कार्य से जुड़कर बहुत खुश और गौरान्वित महसूस कर रही है। साथ ही हमें इससे अच्छी आमदनी भी हो रही है. ”

हमें गर्व है, हमारे हाथ से बना तिरंगा फहरेगा

किरण देवी कहती है, “देश के सम्मान को बढ़ाने के लिए हर घर तिरंगा फहराया जाएगा. यह तिरंगा हमारे हाथों से तैयार होकर जाएगा, इससे बड़ी बात और क्या होगी. कोरोना के समय भी हमने मास्क बनाकर देश की सेवा में अपना योगदान दिया था, लेकिन राष्ट्रध्वज को तैयार करने के इस कार्य में एक अलग ही खुशी महसूस हो रही है. हमलोग राष्ट्रध्वज के नियम- कायदों को पहले समझा और इन्हें तैयार करने में जी-जान से मेहनत कर रहे है.“

तिरंगा को अंतिम रूप देने से पहले कई स्टेज पर काम होता है] जैसे सिलाई के लिए गाइड लाइन का पालन करते हुए मशीन से सही आकर में काटा जाता है, इसके बाद महिलाओं द्वारा सिलाई की जाती है. सिलाई उपरांत इसकी जांच की जाती है कि कही कोई त्रुटि ना हो, इसके बाद आखिरी स्टेज नें स्क्रीन प्रिंटिंग के जरिये आशोक चक्र बनाकर इसकी पैकेजिंग की जाती है. यह सारा काम महिलाओं द्वारा ही किया जा रहा है.

घर-घर लोगो को करेंगी जागरूक 

हर घर तिरंगा अभियान के तहत सभी TPC में निर्मित झंडे संकुल स्तरीय संगठन के जरिये सभी सखी मंडल सहित सभी घरों तक पहुचाएं जायेंगे. सखी मंडल की यह महिलाएं  सिर्फ राष्ट्रध्वज निर्माण ही नहीं, बल्कि आज़ादी के 75वीं वर्षगाँठ पर लोगों के घरों में जाकर उन्हें पोस्टर, बैनर्स, विडियो आदि के माध्यम से राष्ट्रध्वज के महत्व और उसकी गरिमा के विषय में जानकारी भी देंगी. इन महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ध्वज संहिता के बारे में बारीकी से बताया गया है.

 

 

 

Published at:28 Jul 2022 06:54 PM (IST)
Tags:News
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