✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

झारखंड में क्यों नहीं हैं  थ्री स्टार होटल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन  क्यों जा रहे विदेश, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 9:05:12 AM

धनबाद (DHANBAD) : क्या आप जानते हैं कि झारखंड में 3 स्टार रेटिंग वाले होटल नहीं है. फाइव स्टार रेटिंग होटल तो है, 4 स्टार रेटिंग के होटल भी हैं, लेकिन 3 स्टार रेटिंग के होटल नहीं है. चौकिये नहीं, यह आंकड़ा पर्यटन मंत्रालय का ही है. किसी निजी एजेंसी का नहीं है. सूत्रों पर भरोसा करें तो पर्यटन मंत्रालय की स्वैच्छिक वर्गीकरण योजना के तहत रेटिंग प्रणाली के मुताबिक होटलो  का वर्गीकरण किया गया है. इस प्रणाली के अनुपालन के बाद होटल के वर्गीकरण पर एक रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के सिर्फ दो होटल फाइव स्टार रेटिंग श्रेणी में है. 

उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ है आगे-आगे 
 
दो होटल 4 स्टार रेटिंग की श्रेणी में है. जबकि थ्री स्टार रेटिंग के होटल झारखंड में नहीं है. झारखंड के साथ ही अलग राज्य बने उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में फाइव स्टार होटल अधिक है. रिपोर्ट बताती है कि फाइव स्टार होटल के मामले में केरल नंबर वन पर है. वहां 94 फाइव  स्टार होटल है. महाराष्ट्र में 86, गुजरात में 76, गोवा में 70, दिल्ली में 54 होटलो  को फाइव स्टार की रेटिंग मिली हुई है. कुल 36 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के होटल की रेटिंग जारी की गई है. रिपोर्ट में  किसी होटल के नाम का उल्लेख नहीं है.  

कहां है सबसे अधिक फाइव स्टार होटल 

जानकार सूत्रों के अनुसार फाइव स्टार होटल वही अधिक है, जहां पर्यटक या फिर व्यावसायिक गतिविधियां अधिक है. झारखंड में अभी आगे बहुत कुछ करने की जरूरत होगी. ऐसी बात नहीं है कि झारखंड में पर्यटन स्थल नहीं है. लेकिन उन्हें विकसित नहीं होने की वजह से पर्यटक यहां आकर्षित नहीं होते है. और यही कारण है कि झारखंड होटल के वर्गीकरण में पिछड़ गया है. बता दें कि  झारखंड में भी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार में हाथी उड़ाए गए थे. निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कार्यक्रम किए गए थे. लेकिन हाथी उड़ाने के अभियान का कोई असर नहीं हुआ. अलबत्ता यह अभियान विवादों से घिर गया था. 2014 से 2019 तक झारखंड में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार थी. रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार 5 साल तक चली. उन्हीं के कार्यकाल में निवेशकों को आकर्षित करने का अभियान चलाया गया था.  इस अभियान की आज भी चर्चा होती है. 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन निवेशकों से मिलने जाएंगे विदेश 
 
इधर, सूत्रों पर भरोसा करें तो झारखंड में इलेक्ट्रिक वाहन, वोल्वो ,कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में निवेश लाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विदेश जा सकते है. जानकारी के मुताबिक स्वीडन, स्पेन, पुर्तगाल जाकर वहां के निवेशकों से मुलाकात करेंगे. यह भी बताया जा रहा है कि विदेश दौरे के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से क्लीयरेंस मांगी गई है. मुख्यमंत्री के साथ राज्य के अधिकारियों की टीम उद्योगपतियों और निवेशकों के अलावे अन्य स्टेक  होल्डरो  के साथ मीटिंग करेगी. यह दौरा 17 से 26 अप्रैल तक प्रस्तावित है. 

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadJharkhandRatingHotelsCM

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.