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झारखंड में बिजली पर क्यों मचा बवाल,क्यों हो रही राजश्व बढ़ाने के अन्य तरीकों की डिमांड, कैसे पीसे जाएंगे उपभोक्ता !!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: March 26, 2026, 12:41:24 PM

धनबाद(DHANBAD):  झारखंड में बिजली पर बवाल मचाना शुरू हो गया है. झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को जोर  का झटका धीरे से लगा है.  झारखंड की बिजली अब महंगी हो गई है.  झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने भारी भरकम टैरिफ  का प्रस्ताव दिया था. समूचे प्रस्ताव को तो मंजूरी नहीं मिली लेकिन बढ़ी हुई दर लागू  हो गई है.  इस टैरिफ की मंजूरी मिलने से झारखंड की बिजली महंगी हो गई है.  उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ गया है.  बढ़ी  हुई बिजली दर को लेकर झारखंड में रिएक्शन भी है.  लोग इसे सही नहीं मान रहे हैं.  कह रहे हैं कि सरकार को राजस्व बढ़ाने का अन्य कोई साधन ढूंढना चाहिए।  राजस्व बढ़ाने के लिए गरीब -गुरुबा  पर लोड बढ़ाना सही नहीं है.  

सरकार के इस कदम को क्यों कहा जा रहा जनविरोधी 

झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो इसके खिलाफ मुखर हुए है.  उन्होंने इस कदम को जन विरोधी निर्णय बताया  है. यह अलग बात है कि सरकार अपनी कोष में राशि बढ़ाने के लिए जनता पर बोझ डाल देती है.  जनता तो वैसे भी महंगाई से त्राहि -त्राहि  कर रही है.  लोअर मिडल क्लास तो घर से लेकर स्कूल और स्कूल से लेकर अस्पताल, अस्पताल से लेकर बाजार तक तबाह है.  ऊपर से बिजली भी महंगी कर दी गई है.  विधायक जरा महतो ने सरकार से तीखे सवाल किए है. सोशल मीडिया पर कहा है कि  फिर से झारखंड सरकार ने बिजली का दर बढ़ाकर जनविरोधी निर्णय लिया है. 

विधायक जयराम महतो ने और क्या कहा है 
 
सरकार द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 6.70 की दर को बढ़ाकर 7.20 प्रति यूनिट कर दी गयी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.85 रुपये से बढ़ाकर 7.40 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी गयी है.  सरकार का ये कदम जनाकांक्षा के विरुद्ध है. वही व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी कर दी गयी है. 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 6.20 की दर को बढ़ाकर 6.70 प्रति यूनिट कर दी गयी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.30 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी गयी है. इस बढ़ोतरी का असर छोटे दुकानदारों, प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र पर पड़ेगा, जहां पहले से ही लागत बढ़ने की समस्या बनी हुई है. 

सरकार को अन्य स्रोतों  से राजश्व बढ़ाने के उपाय खोजने चाहिए 
 
अन्य स्रोतों पर सरकार ध्यान केंद्रित ना कर आम जनता पर बोझ बढ़ा रही है.  अवैध खनिज पर लगाम लगाकर राजस्व में बढ़ोतरी कर सकती है.  सरकार बस ग़रीब और मध्यम तबके पर हर तरह का बोझ लादना चाहती है.  राज्य में उद्योगपतियों को हर तरह की राहत और सब्सिडी दी जा रही है.  अनावश्यक निर्माण पर खर्च किया जा रहा है.  शहरी क्षेत्र में जमीन की सरकारी कीमत ( सर्किल रेट) और वास्तविक कीमत में दुगुना से सौ गुना का अंतर है.  सरकार सर्किल रेट को सुधार कर ले तो राजस्व में काफ़ी इजाफा हो सकता है.  लेकिन सरकार के पदाधिकारी इस ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट नहीं कराते  है.  इससे काले धन के उपयोग पर भी लगाम लगाया जा सकता है.  मेरा अनुरोध होगा सरकार इस मामले पर पुनः विचार करते हुए बढ़ी हुई  दर को वापस करे. 
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Tags:DhanbadJharkhandBijalielectricity issue in Jharkhandविधायक जयराम महतो

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