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जेल से छूटने के बाद क्यों रौद्र रूप में दिखे झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, कैसे बोलना शुरू किया-तो बोलते चले गए !!

जेल से छूटने के बाद क्यों रौद्र रूप में दिखे झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, कैसे बोलना शुरू किया-तो बोलते चले गए !!

धनबाद (DHANBAD) : जेल से छूटने  के बाद झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह का गुरुवार को रौद्र रूप दिखा. वैसे, संजीव सिंह शांत स्वभाव के माने जाते हैं, लेकिन गुरुवार को अचानक उनका गुस्सा भड़क गया और जब बोलना शुरू किया तो बोलते चले गए. उनके निशाने पर एलबी सिंह की आउटसोर्सिंग कंपनी थी.  उन्होंने यहां तक कह दिया कि झरिया के लोगों को परेशान कर धनबाद में राजनीति करने नहीं दी जाएगी. इसका मतलब निगम चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जाता है कि निगम चुनाव के लिए एलबी सिंह एंड पार्टी सक्रिय है और दोनों भाइयों में से कोई एक मेयर का चुनाव लड़ सकता है. 

क्यों इस मामले को मेयर चुनाव के चश्मे से भी देखा जा रहा 
 
यह अलग बात है कि एलबी सिंह ने विधानसभा चुनाव में भी धनबाद से भाजपा के टिकट के लिए प्रयास किया था. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी. विधायक राज सिन्हा  के ताना-बाना को वह नहीं तोड़ पाए और पार्टी ने राज सिन्हा पर ही भरोसा जताया. गुरुवार को संजीव सिंह का रुख  देव प्रभा आउटसोर्सिंग के खिलाफ काफी कड़ा था. उन्होंने यहां तक कह दिया कि भले ही आउटसोर्सिंग चलाने  वाले उनके गांव के हैं, लेकिन गांव का रिश्ता गांव तक ही सीमित रहेगी. झरिया को उजाड़ कर धनबाद में राजनीति करने वालों को किसी कीमत पर वह छोड़ने नहीं जा रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो आउटसोर्सिंग कंपनी को धनबाद से बोरिया- बिस्तर बांधना होगा।.

संजीव सिंह का ऐलान -झरिया की शर्त पर कोई समझौता नहीं 
 
झरिया की जनता के शर्त पर कोई समझौता नहीं होगा. रंगदारी, दबंगई और संवेदनहीनता की किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिस समय संजीव सिंह यह बात कह रहे थे, उसे समय झरिया विधायक और उनकी पत्नी रागिनी सिंह,उनके भाई सिद्धार्थ गौतम भी मौजूद थे. बीसीसीएल के अधिकारी भी मौजूद थे. पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे.  दरअसल, गुरुवार को आउटसोर्सिंग कंपनियों के खिलाफ अन्य मजदूर संगठनों ने एक्शन की मांग करते हुए धरना तक दिया. धरना में पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर ,रामधीर सिंह की पत्नी इंदु देवी ,बहू आसनी सिंह भी मौजूद थे. आउटसोर्सिंग कंपनियों के लोगों पर आरोप है कि बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ मारपीट की.  मामला एक रास्ते को लेकर था. आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी वालों ने बीसीसीएल के विभागीय कार्य वाले प्रोजेक्ट का रास्ता काट दिया था.  

मारपीट करने वालों ने बीसीसीएल के अधिकारियो तक को नहीं छोड़ा 

इतना ही नहीं, कोयला अधिकारी और कर्मियों के साथ मारपीट भी की.  यह सब बुधवार की रात को हुआ और गुरुवार को यह बात जंगल की आग  की तरफ फैली, उसके बाद तो अलग ही माहौल बन गया. संजीव सिंह ने अपनी मौजूदगी में आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा काटे गए रास्ते को भरवा दिया.  किसी की साहस नहीं हुई कि वह इसका विरोध करें. खैर, गुरुवार को आउटसोर्सिंग कंपनियों के खिलाफ एक नई राजनीति देखने को मिली.  यह राजनीति आगे चलकर कोई नई राह पहाडेगी अथवा मामले में समझौता हो जाता है, यह देखने वाली बात है? क्योंकि देव्  प्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालकों को अब तक यही माना जाता है कि वह सिंह मेंशन के समर्थक है,

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Published at:23 Jan 2026 07:23 AM (IST)
Tags:DhanbadJhariyaLodnaSanjeev SinghChetawani
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