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राष्ट्रीयकरण के 50 साल बाद भी कोयला चोरी के लिए कौन जवाबदेह, नहीं हुआ है तय 

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 11:58:05 PM

धनबाद(DHANBAD): झरिया मास्टर प्लान का कैबिनेट नोट तैयार है, जल्द ही मंजूरी मिलेगी.  खुले मन से लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की कोशिश की जा रही है.  मास्टर प्लान की मंजूरी के बिना भी पुनर्वास का काम रोका  नहीं गया है. कोयला चोरी रोकना राज्य सरकार की जिम्मेवारी है, बीसीसीएल चाह कर भी कुछ नहीं कर सकती. बीसीसीएल कोकिंग कोल की सप्लाई धीरे-धीरे बिजली कंपनियों को बंद करेगी, यह स्टील उद्योग के लिए उपयोगी है.धनबाद में डीएमएफटी फंड  में हजारों -करोड़ों रुपए दिए जा रहे है.  उड्डयन  मंत्रालय से बात कर राज्य सरकार एयरपोर्ट की पहल करे.  बीसीसीएल से आर्थिक सहायता की जरूरत होगी तो उसके लिए कंपनी तैयार है. 

 एयरपोर्ट का मुद्दा कोयला मंत्रालय से जुड़ा नहीं है
 
एयरपोर्ट का मुद्दा कोयला मंत्रालय से जुड़ा नहीं है.  केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी  गुरुवार को यह बाते धनबाद में कही.  कोयला मंत्री के समक्ष कोयला चोरी का मुद्दा उठा ,मंत्री बोले कि कोल कंपनियों से जो हो सकता है, वह कर रही है.  आगे भी करेगी.  वैसे कोयला चोरी रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है.  कोल्  कंपनियों के पास लॉ ऑर्डर नहीं है.  यह पुलिस प्रशासन का काम है.  इसको लेकर लगातार बातें होती रहती है.  केस  और कार्रवाई करने का अधिकार पुलिस और प्रशासन के जिम्मे में है.  इस मामले में कोल्  कंपनियां चाह कर भी बहुत कुछ नहीं कर सकती.  जहां तक तकनीकी सहित अन्य उपयुक्त उपायों से कोयला चोरी रोकने की बात है, तो इसके लिए सभी कोयला कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दे दिया गया है. सवाल उठता है कि  कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण हुए 50 साल से भी अधिक हो गए लेकिन अभी तक यही तय नहीं हो पाया है कि  कोयला चोरी रोकना कोल कंपनियों की  जिम्मेवारी है अथवा पुलिस या प्रशासन की.  

कोयला मंत्री कहते हैं कि यह जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की है

कोयला मंत्री कहते हैं कि यह जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की है.  कोल्  कंपनियां जो कर सकती हैं ,कर रही है और आगे भी करेंगी.  जबकि झारखंड के मंत्री कहते हैं कि कोयला चोरी रोकना कोल कंपनियों का काम है. सम्पति उनकी है ,इसलिए रक्षा भी उन्हें ही करनी है.  कोयला चोरी रोकना किसकी जिम्मेवारी है और इसके लिए कौन दोषी है, इस लड़ाई में धनबाद कोयलांचल में कोयला चोरी खूब हो रही है.  आउटसोर्सिंग कंपनियां भी कोयला चोरों के लिए मददगार बन गई है.  झुंड के झुंड कोयला चोर जाते हैं और कोयला काटते है.  बीसीसीएल के पास सीआईएसएफ की फौज है, इलाके में थाने हैं ,पुलिस जवान हैं ,अधिकारी हैं लेकिन कोयला चोरी रोकने के बजाय एक दूसरे के माथा पर फेकाफेकी का खेल पहले भी चलता था और आज भी चल रहा है.  नतीजा है कि कोयला चोरी बेधड़क हो रही है. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:dhanbadkoyalamantriBCCLupaye

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