☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

सिर्फ हेमंत सोरेन की विधायकी पर ही खतरा नहीं, जानिये और कौन-कौन MLA रडार पर

सिर्फ हेमंत सोरेन की विधायकी पर ही खतरा नहीं, जानिये और कौन-कौन MLA रडार पर

रांची (RANCHI): ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खत्म हो सकती है. लेकिन अबतक न निर्वाचन आयोग, और ना ही राजभवन से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि हुई. इसके बावजूद जहां यूपीए खेमे में बेचैनी है, तो भाजपा के गलियारे चुस्कियां ले रहे हैं. अब क्यों हेमंत की विधायकी पर तलवार लटकी है, आप सभी जानते ही हैं. चलिये याद करा देते हैं. दरअसल हेमंत सोरेन पर रांची के अनगड़ा में 88 डिसमिल पत्थर माइनिंग लीज लेने का आरोप है. 10 फरवरी को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधि मंडल ने मामले में हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. कहा था कि सोरेन ने पद पर रहते हुए माइनिंग लीज ली है. यह लोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP) 1951 की धारा 9A का उल्लंघन है. राज्यपाल ने यह शिकायत चुनाव आयोग को भेज दी थी. खबर है कि आयोग ने राजभवन अपना मंतव्य भेज दिया है, अब राज्यपाल अपनी अनुशंसा आयोग को भेजेंगे.

लेकिन सिर्फ हेमंत सोरेन की विधायकी पर ही खतरा नहीं मंडरा रहा है, राज्य के और विधायक भी इसके रडार पर हैं. इसमें प्रमुख हैं पूर्व सीएम और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी. इसके अलावा हेमंत के छोटे भाई व झामुमो विधायक बसंत सोरेन, कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी. इनकी भी विधानसभा सदस्यता जाने की आशंका है.

दल-बदल केस में फंसे हैं बाबूलाल, 30 अगस्त को सुनवाई

आपको याद ही होगा कि विधानसभा चुनाव के बाद बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी झाविमो का विलय भाजपा में कर दिया था. इसका विरोध करने पर विलय से पहले उन्होंने अपने दो विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. बाद में दोनों ने कांग्रेस की सदस्यता ली. बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक के रूप में तो प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को निर्दलीय विधायक के रूप में स्वीकृति मिली. बाबूलाल पर दल-बदल का मामला चल रहा है. 30 अगस्त को भी स्पीकर न्यायाधिकरण में सुनवाई है. दसवीं अनुसूची के तहत मामले में सुनवाई होगी. दसवीं अनुसूची दल बदल से जुड़ी हुई है. 

क्या है बसंत सोरेन का मामला

हेमंत और बसंत- दोनों भाई के मामले में कई बातें कॉमन हैं. दोनों पर आरोप भाजपा ने लगाया है. दोनों पर आरोप पत्थर खदान लीज लेने का है. दोनों पर इल्ज़ाम भाजपा ने लगाए हैं। बसंत दुमका से झामुमो विधायक है. इनका मामला भी निर्वाचन आयोग में चल रहा है. बसंत सोरेन ने आयोग को अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने कोई तथ्य नहीं छिपाया है. चुनाव के दौरान सौंपे गये शपथ पत्र में भी इसका उल्लेख है,  22 अगस्त के बाद आज भी सुनवाई हुई.

अब बात कांग्रेस के तीन विधायकों की

जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी की कार से करीब 49 लाख रुपए बंगाल पुलिस ने जब्त किये थे. यह 30 जुलाई की घटना है. कार में उनके अलावा खिजरी विधायक राजेश कच्छप और कोलीबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी भी थे. तीनों कांग्रेसी विधायकों को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. 31 जुलाई को उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया था, जहां से 10 दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया था. इधर, कांग्रेस ने तीनों को निलंबित कर दिया. उधर, कोलकाता सीआईडी ने उनसे गहन पूछताछ की. रांची तथा जामताड़ा स्थित संबंधित विधायकों के ठिकानों पर छापेमारी की. बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पिछले दिनों अदालत ने इस शर्त पर जमानत दी है कि ये तीन माह तक कोलकाता से बाहर नहीं जाएंगे.

 

Published at:29 Aug 2022 08:32 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.