जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस शनिवार को एक बार फिर विवादों में आ गई. शनिवार को यह विवाद पोटका के विधायक संजीव सरदार के साथ हुआ. यह विवाद पोटका के एक शिक्षक और उनके बेटे के साथ ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए व्यवहार के बाद उत्पन्न हुआ. इस दौरान थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक चेकपोस्ट के पास गहमा गहमी बनी रही. ट्रैफिक डीएसपी श्रीनिराज मौके पर पहुंचे और मामले की शांत कराया. जानकारी के अनुसार पोटका विधानसभा क्षेत्र के एक शिक्षक अपने बेटे के साथ बाइक पर ड्यूटी पर जा रहे थे. इसी दौरान टाटानगर स्टेशन के समीप बने ट्रैफिक चेक पोस्ट के पास पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका. जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने शिक्षक के बेटे को रोक लिया और उनपर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया. जबकि शिक्षक के पास गाड़ी के सारे कागजात थे. उन्होंने हेलमेट भी लगाए रखा था. शिक्षक ने पोटका के विधायक से इसकी शिकायत कर दी. फिर विधायक ने फोन पर ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारियों से बात कर मामले को देखने और युवक को छोड़ने की मांग की. लेकिन ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने विधायक से डीएसपी स्तर के अधिकारी से बात करने की बात कही.
विधायक मौके पर पहुंचे
फिर क्या था विधायक जी आग बबूला हो गए और तुरंत मौके पर पहुंचे. उनके साथ उनके कई समर्थक भी चेकपोस्ट पहुंचे. विधायक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई. इस दौरान वहां गहमागहमी का माहौल बना रहा. विधायक ने कहा कि ट्रैफिक जांच के नाम पुलिस आम लोगों को परेशान कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक जनप्रतिनिधि को ट्रैफिक पुलिस नजरअंदाज कर सकती है, तो आम जनता के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता होगा. उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने की नसीहत दी. ट्रैफिक डीएसपी के काफी समझाने के बाद मामला शांत हुआ. विधायक ने डीएसपी से जांच के दौरान लोगों से अभद्र व्यवहार ना करने की बात कही. ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. दोषी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई होगी. जानकारी हो कि शहर में हेलमेट जांच के दौरान लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले सामने आते रहे हैं. जांच के नाम पर ट्रैफिक पुलिस गर्भवती महिलाओं तक को परेशान कर रही है. ट्रैफिक पुलिस की इस कार्यशैली पर लोग चर्चा कर रहे हैं.